भारत में 50 प्रतिशत से अधिक विनिर्माण एमएसएमई ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान बिक्री में वृद्धि दर्ज की है। हालांकि निर्यात से जुड़े फर्म्स को टैरिफ की मार झेलनी पड़ी। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की ओर से हालिया एमएसएमई आउटलुक सर्वेक्षण (एमओएस) में यह जानकारी दी गई है।
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42 प्रतिशत सेवा क्षेत्र में हुई वृद्धि
सर्वेक्षण में पता चला कि अप्रैल से जून 2025 के दौरान सेवा क्षेत्र में 42 प्रतिशत एमएसएमई ने भी बिक्री में वृद्धि देखी। वहीं 48 प्रतिशत ने स्थिर बिक्री की सूचना दी। सालाना आधार पर सभी क्षेत्रों के एमएसएमई ने कहा कि उन्होंने बिक्री में वृद्धि देखी है।
40 प्रतिशत निर्यातकों ने टैरिफ की मार झेली
वहीं लगभग 40 प्रतिशत एमएसएमई निर्यातकों ने कहा कि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चल रहे टैरिफ-संबंधी मुद्दों से प्रभावित हुए हैं। यह भारत व्यवसायों पर वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के प्रभाव को दर्शाता है।
एमएसएमई समग्र रूप से सकारात्मक रहा
इन चुनौतियों के बावजूद, एमएसएमई के बीच समग्र मूड सकारात्मक बना हुआ है। अगली तिमाही के लिए समग्र एमएसएमई व्यवसाय अपेक्षा सूचकांक (एम-बीईआई) 62.19 रहा और वित्त वर्ष27 के लिए यह 67.88 रहा। ये आंकड़े इस क्षेत्र के लिए काफी आशावादी व्यवसायिक दृष्टिकोण का संकेत देते हैं।
व्यापार और सेवा क्षेत्र में अधिक आशावाद
क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो व्यापार और सेवा क्षेत्र से जुड़े एमएसएमई में अधिक आशावाद देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए एम-बीईआई व्यापार क्षेत्र में 68.32 और सेवा क्षेत्र में 68.24 दर्ज किया गया।
SIDBI सर्वेक्षण क्या है?
SIDBI सर्वेक्षण भारत में एमएसएमई की व्यावसायिक भावनाओं और अल्पकालिक अपेक्षाओं पर नजर रखता है। यह एमएसएमई बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स (एम-बीसीआई) की गणना करके इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण डेटा अंतराल को भरने में भी मदद करता है। यह चालू तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही बनाम वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही) के लिए धारणा को मापता है, और एमएसएमई बिजनेस एक्सपेक्टेशंस इंडेक्स (एम-बीईआई), जो भविष्य की तिमाहियों के लिए अपेक्षाओं को मापता है। ये सूचकांक छह प्रमुख मापदंडों पर आधारित हैं। इनमें बिक्री, लाभ मार्जिन, कुशल श्रम की उपलब्धता, कार्यशील पूंजी वित्त तक पहुंच, समग्र वित्त तक पहुंच और समग्र व्यावसायिक स्थिति शामिल है।