अमेरिका के शेयर बाजार सोमवार को बढ़ते तेल के दामों और ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर उतार-चढ़ाव भरे रहे। एसएंडपी 500 0.4% गिर गया और अब यह इस साल की अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से 9.1% नीचे है। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 49 अंक बढ़कर 0.1% ऊपर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोज़िट 0.7% गिर गया। हालांकि शुरुआत में एसएंडपी 500 0.9% ऊपर गया, लेकिन जल्दी ही यह बढ़त मिट गई और बाजार फिर नीचे आ गया। दूसरी ओर यूरोप के बाजारों में शेयर बढ़े, लेकिन एशियाई बाजारों में कई जगह भारी गिरावट देखी गई।
अमेरिकी बाजार में पिछले कुछ हफ्तों का हाल जानिए
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि अमेरिकी बाजारों में पिछले कुछ हफ्तों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। एसएंडपी 500 अब जनवरी में अपने रिकॉर्ड से 8.7% नीचे है। डाउ और नैस्डैक अपने रिकॉर्ड से 10% से अधिक नीचे हैं। विशेषज्ञ इसे करेक्शन मान रहे हैं, यानी बाजार की कीमतें थोड़ी गिर चुकी हैं। एसएंडपी 500 अब अनुमानित मुनाफे के हिसाब से लगभग 17% सस्ती दिख रही है, जो पिछली बार बाजार में बढ़ते डर के समय जैसी स्थिति थी।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था हो सकती है धीमी, कैसे?
विशेषज्ञों का कहना है कि करेक्शन अपने अंत के करीब पहुंच रहा है, बशर्ते मंदी न आए और फेडरल रिजर्व ब्याज दरें न बढ़ाए। दूसरी ओर फेडरल रिजर्व अगर तेल की कीमतों के लंबे समय तक ऊंची रहने के डर से ब्याज दरें बढ़ा देता है, तो महंगाई पर नियंत्रण तो रहेगा लेकिन अर्थव्यवस्था धीमी हो जाएगी और निवेश की कीमतें गिर सकती हैं। इतना ही नहीं बॉन्ड मार्केट में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.44% से गिरकर 4.35% हो गई।
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अब कंपनियों के आधार पर भी हाल को जानिए
कंपनी स्तर पर, सिस्को ने जेट्रो रेस्टोरेंट डिपो को 21.6 बिलियन डॉलर में खरीदने की घोषणा की, जिससे उसके शेयर 15.3% गिरे। वहीं, अल्कोआ के शेयर 8.2% बढ़े, क्योंकि पश्चिम एशिया में हमलों से प्रतिस्पर्धी एल्युमिनियम कंपनियों को नुकसान हुआ। अंततः, एसएंडपी 500 25.13 अंक गिरकर 6,343.72 पर बंद हुआ, डाउ 45,216.14 पर बढ़ा, और नैस्डैक 20,794.64 पर गिर गया। गौरतलब है कि विदेशी बाजारों में, जैसे कि लंदन का FTSE 100 1.6% ऊपर गया और पेरिस का CAC 40 0.9% बढ़ा। वहीं, सियोल का Kospi 3% गिरा, टोक्यो का Nikkei 225 2.8% नीचे गया और हांगकांग का Hang Seng 0.8% गिरा।