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IACC: टैरिफ पर तल्खी के बीच भारत व अमेरिका ने ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी पर प्रतिबद्धता दोहराई, जानिए ताजा अपडेट

Tue, 26 Aug 2025 02:40 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत अमेरिका के बीच मौजूदा टैरिफ विवाद के बीच दोनों देशों की साझेदारी से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास में प्रधान वाणिज्यिक अधिकारी जियाओबिंग फेंग ने मंगलवार को ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी के मामले में भारत के साथ काम करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता की बात दोहराई। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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भारत स्थित अमेरिकी दूतावास में प्रधान वाणिज्यिक अधिकारी जियाओबिंग फेंग। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारत अमेरिका के मौजूदा टैरिफ विवाद के बीच दोनों देशों की साझेदारी से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास में प्रधान वाणिज्यिक अधिकारी जियाओबिंग फेंग ने मंगलवार को ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी के मामले में भारत के साथ काम करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता की बात दोहराई। नई दिल्ली में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC) के तीसरे ऊर्जा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जियाओबिंग फेंग ने ऊर्जा क्षेत्र में नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी के बीच बढ़ते सहयोग पर बात की। 

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फेंग ने का कि फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "स्थानीय ऊर्जा बाजारों को आकार देने में अग्रणी उत्पादकों और उपभोक्ताओं" के रूप में दोनों देशों की साझा भूमिका की पुष्टि की थी। दोनों नेताओ ने तेल, गैस और असैन्य परमाणु ऊर्जा को शामिल करते हुए दीर्घकालिक द्विपक्षीय ऊर्जा सुरक्षा साझेदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।" 

फेंग ने कहा, "भारत और अमेरिका, दोनों देशों के आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा मूलभूत चीज बनी हुई है,  हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि हमारे ऊर्जा संसाधन नवाचार की दिशा में मदद कर सकें।" उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पदभार ग्रहण करने के बाद से अत्यधिक नियमों में कटौती, स्वीकृतियों को सुव्यवस्थित करने और अमेरिकी उद्योगों को नवाचार के लिए सशक्त बनाने के कदम उठाए हैं, जिससे अमेरिका की वैश्विक ऊर्जा अग्रणी स्थिति को पुनः स्थापित करने में मदद मिली है। अधिकारी ने आगे जोर देकर कहा कि वाशिंगटन "वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
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फेंग ने कहा, "भू-राजनीतिक अस्थिरता और आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों के कारण वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य बड़े पैमाने पर बदल रहा है है। अमेरिका और भारत का ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें द्विपक्षीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग भी शामिल है।" 

उन्होंने तीन प्रमुख क्षेत्रों का भी उल्लेख किया जहां अमेरिका-भारत सहयोग परिवर्तनकारी बदलाव ला सकते हैं। इनमें ऊर्जा संसाधनों में विविधता लाना, बुनियादी ढांचे का लचीलापन बढ़ाना, और प्राकृतिक गैस, परमाणु ऊर्जा और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में अमेरिकी विशेषज्ञता का लाभ उठाना शामिल है।

अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी कंपनियाँ विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले स्मार्ट ऊर्जा समाधान विकसित करने के लिए भारतीय समकक्षों को बेचने और उनके साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक हैं। फेंग ने कहा, "महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है, और दोनों देशों के पास विश्वसनीय और टिकाऊ आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करने में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर है।"

आईएसीसी ऊर्जा शिखर सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन और असैन्य परमाणु सहयोग में अवसरों का पता लगाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, साथ ही इस क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को मजबूत करता है।

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