यूएस फेडरल रिजर्व की नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक जो मिनट्स जारी किए हैं उसके अनुसार फेड सदस्य ब्याज दरों में नरमी बरतने का फैसला ले सकते हैं। फेड सदस्यों के पर्याप्त बहुमत से पता चला है कि नीतिगत दरों में वृद्धि की गति धीमी करने पर वे सहमत हैं।
बुधवार को प्रकाशित मिनटों में कहा गया है, "इन परिस्थितियों में ब्याज दरों में नरमी लाने से अधिकतम रोजगार का सृजन हो सकेगा साथ ही इससे मूल्य स्थिरता का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकेगा। कुछ अन्य सदस्यों ने अपने नोट में कहा कि नीतिगत दर में वृद्धि की गति को धीमा करने से पहले तब तक इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है जब तक महंगाई के दबाब में कमी ना आ जाए।
बता दें कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन नवंबर को देश में लगातार बढ़ रही महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रमुख ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। इसने प्रमुख नीतिगत दर को 75 आधार अंकों से बढ़ाकर एक दशक के उच्च स्तर 3.75-4.0 प्रतिशत पर पहुंचा दिया था।
ब्याज दरों में यह लगातार चौथी वृद्धि थी। ब्याज दरें बढ़ाना एक मौद्रिक नीति साधन है जो आम तौर पर अर्थव्यवस्था में मांग को दबाने में मदद करता है, जिससे मुद्रास्फीति की दर में गिरावट आती है। अमेरिका में मुद्रास्फीति की उच्च दर बनी हुई है, जो महामारी से संबंधित आपूर्ति और मांग के असंतुलन, उच्च खाद्य और ऊर्जा की कीमतों और व्यापक मूल्य दबाबों को दर्शाती है।
अमेरिकी मौद्रिक नीति समिति का अनुमान था कि समय के साथ मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए दरों में चल रही वृद्धि उचित होगी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक का लक्ष्य दीर्घकाल में अधिकतम रोजगार सृजन और मुद्रास्फीति मुद्रास्फीति की दो प्रतिशत की दर हासिल करना है।