राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद अब उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी सत्ता पर काबिज होने जा रही है। इस बीच रिपब्लिकन पार्टी के एक सांसद ने कुछ ऐसी मांग कर दी है, जिससे भारत के सिरेमिट टाईल्स निर्माताओं की रातों की नींद उड़ सकती है। दरअसल रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ने मांग की है कि भारत से आयात होने वाली सिरेमिक टाईल्स पर भारी-भरकम टैरिफ लगाया जाए, ताकि अमेरिका के विनिर्माण उद्योग को बचाया जा सके।
भारतीय टाईल्स निर्माताओं के चलते घरेलू टाईल्स निर्माता मुश्किल में
अमेरिकी सांसद जॉन रोस ने अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो को लिखे एक पत्र में कहा है कि अमेरिका के टेनेसी राज्य की विनिर्माण क्षेत्र की नौकरियां खतरे में हैं क्योंकि सिरेमिक टाईल्स के बाजार में भारत की गलत और गैर-प्रतिस्पर्धी व्यापार प्रथाओं का टेनेसी के विनिर्माण उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अपने सिरेमिक टाईल्स को अमेरिका में डंप कर रहा है, जिससे अमेरिका के घरेलू सिरेमिक टाईल्स निर्माताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भारतीय टाईल्स आयात पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगाने की मांग
पत्र में जॉन रोस ने लिखा कि मई में सरकार ने भारत से आने वाली सिरेमिक टाईल्स पर एंडी डंपिंग ड्यूटी लगाने की जांच करने की बात कही थी। अब जब सरकार जांच कर रही है तो हम चाहते हैं कि भारतीय सिरेमिक टाईल्स के आयात के पूरे डेटा का विश्लेषण किया जाए और घरेलू टाईल्स निर्माताओं की स्थिरता के लिए हमारे बाजार में घरेलू टाईल्स निर्माताओं का ही दबदबा होना चाहिए। पत्र के अनुसार, साल 2013 में भारत से करीब 3,44,000 वर्ग फीट सिरेमिक टाईल्स का आयात होता था, जो 2023 में बढ़कर करीब 40 करोड़ वर्ग फीट हो गया है। यूएस टाईल्स सिरेमिक निर्माताओं ने इस पर चिंता जाहिर की है और भारतीय टाईल्स पर एंडी डंपिंग ड्यूटी लगाने की मांग की है। अमेरिकी टाईल्स निर्माताओं ने भारतीय टाईल्स निर्माताओं पर करीब 408 से 828 प्रतिशत टैरिफ लगाने की मांग की है।
गौरतलब है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख भी घरेलू बाजार को लेकर रक्षात्मक है और उन्होंने एलान भी किया था कि वे कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगाएंगे। भारत की भी ट्रंप ने ज्यादा टैरिफ लगाने को लेकर आलोचना की थी। ऐसे में अब जब उनकी ही पार्टी के सांसद ने टाईल्स इंडस्ट्री का मुद्दा उठाया है तो हो सकता है कि भारतीय टाईल्स इंडस्ट्री भी ट्रंप के निशाने पर आ जाए।