डिमन ने कहा कि 'अमेरिका की भूमिका अपरिहार्य है। वह भूमिका आर्थिक, सैन्य, शिक्षा आधारित है। इससे लोगों को यहां आने, यहां रहने की इच्छा होती है, जो हमें अधिक योग्यता-आधारित होने की अनुमति देती है, हमें यही करना चाहिए। यही सबसे अहम बात है।'
जेपी मॉर्गन चेस के चेयरमैन और सीईओ जेमी डिमन ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि आव्रजन योग्यता आधारित होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका ने आव्रजन नीतियों को ठीक से लागू नहीं किया है। गौरतलब है कि अमेरिका में इन दिनों आव्रजन मुद्दा गर्म है और आव्रजन को लेकर अमेरिका के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी हुए।
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'लोग अमेरिका आना चाहते हैं'
पिछले सप्ताह सैन फ्रांसिस्को में आयोजित एक कार्यक्रम में जेमी डिमन ने कहा कि 'अमेरिका अपरिहार्य है। यह अपरिहार्य इसलिए नहीं है क्योंकि हम बेहतर हैं। यह अपरिहार्य इसलिए है क्योंकि (हमारे पास) दुनिया की सबसे अच्छी सेना है, हम दुनिया का सबसे समृद्ध देश हैं, दुनिया की सबसे अच्छी अर्थव्यवस्था हैं, हमारे पास सबसे अच्छी तकनीक है, उस तकनीक की जड़ें हैं, हमारे पास आजादी है। यही चीजें लोगों को यहां लेकर आती हैं।' डिमन ने कहा कि 'अमेरिका की भूमिका अपरिहार्य है। वह भूमिका आर्थिक, सैन्य, शिक्षा आधारित है। इससे लोगों को यहां आने, यहां रहने की इच्छा होती है, जो हमें अधिक योग्यता-आधारित होने की अनुमति देती है, हमें यही करना चाहिए। यही सबसे अहम बात है।'
डिमन ने बताया नीतियां ठीक से नहीं हो रहीं लागू
डिमन ने याद करते हुए कहा कि उनके दादा-दादी ग्रीक से अमेरिका आए थे, जो कभी हाई स्कूल नहीं गए। डिमन ने कहा कि 'उनके पास नीतियों की एक सूची है, जो अमेरिका ने अच्छी तरह से नहीं की।' उन्होंने कहा, 'हमारी मोर्गेज नीतियां ठीक नहीं हैं। हमारी आव्रजन नीति ठीक नहीं है। हम किफायती आवास देने में अच्छा नहीं कर रहे हैं। हम युवाओं को कार्य कौशल भी अच्छे से नहीं सिखा पाते।' डिमन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ट्रंप प्रशासन अप्रवासियों के खिलाफ सख्ती कर रहा है। अवैध अप्रवासियों को जबरन गिरफ्तार कर निर्वासित किया जा रहा है। इसे लेकर लॉस एंजिलिस में बीते हफ्ते दंगा भी हुआ था।