देश के चार राज्यों में सबसे ज्यादा मिलावटी खाने-पीने की वस्तुएं मिलती हैं। इन चार राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे पहले स्थान पर है। वहीं पर्यटकों के लिए पसंदीदा घूमने की जगह गोवा में इस तरह के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश और तमिलनाडु भी इस सूची में शामिल हैं। वित्त वर्ष 2017-18 में कुल 4590 केस दर्ज किए गए, जिनमें सरकार ने 50 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में इस बात की जानकारी दी।
उपभोक्ता मामलों के मंत्री दानवे रावसाहब दादाराव ने बताया कि केवल 60 फीसदी से ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए। यहां से कुल 38 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था। तमिलनाडु में 1311 और मध्य प्रदेश में 878 मामले दर्ज किए गए।
ज्यादातर मामले दूध की मिलावट के पाए गए। देश में बिकने वाला 68.7 फीसदी दूध और इससे बने उत्पाद एफएसएसएआई द्वारा तय किए गए मानकों का पालन नहीं करते हैं। इन मानकों का पालन नहीं करने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
मिलावटी सामान खाने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दिल, लीवर और किडनी जैसे शरीर के अंगों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। ऐसा भोजन नियमित तौर पर करने से लोगों को सही मात्रा में पोषक तत्व भी नहीं मिल पाते हैं।