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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: पहले स्थान पर आंध्र प्रदेश, दूसरे पर उत्तर प्रदेश

Sat, 05 Sep 2020 03:33 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2019 - फोटो : ANI
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को राज्य व्यापार रिफॉर्म एक्शन प्लान 2019 रैंकिंग यानी ईज ऑफ डूइंग में राज्यों की रैंकिंग जारी की। भारत में कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाने की दिशा में, बिजनेस सुधार के कार्यों की योजना को लागू करने के आधार पर राज्यों की रैंकिंग जारी की गई। इस दौरान केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल रहे। 

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शीर्ष पर आंध्र प्रदेश
राज्यों की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में टॉप पर आंध्र प्रदेश है। आखिरी बार यह रैंकिंग जुलाई 2018 में जारी की गई थी। तब भी शीर्ष पर आंध्र प्रदेश था। वहीं दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश और तीसरे पर तेलंगाना है। इससे पहले 2018 में दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: तेलंगाना और हरियाणा थे।

राज्यों को रैंकिंग कई मानकों मसलन निर्माण परमिट, श्रम नियमन, पर्यावरण पंजीकरण, सूचना तक पहुंच, जमीन की उपलब्धता तथा एकल खिड़की प्रणाली के आधार पर दी जाती है। विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग 2020 में भारत ने 2014 के 142वें रैंक के मुकाबले 63वें स्थान पर छलांग लगाई थी।
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निवेशकों को आकर्षित करना है उद्देश्य
मालूम हो कि इसका उद्देश्य घरेलू व वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करना है। और इसके लिए कारोबारी माहौल में सुधार लाने के लिए राज्यों के बीच प्रतिद्वन्द्विता शुरू करना है। 



पीयूष गोयल ने स्वामी विवेकानंद के वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि, 'हम रुके नहीं और पूरे देश को तेज गति में बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया। पीएम नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और गतिशील नेतृत्व में भारत ने पिछले पांच वर्षों में दुनिया भर में कारोबार करने की रैंकिंग में महत्वपूर्ण प्रगति की है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कुछ राज्यों ने सुधार सुनिश्चित करने के लिए असाधारण ऊर्जा दिखाई है। यह रैंकिंग राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को कारोबार करने की दृष्टि से बेहतर स्थान बनाती है। 
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ये है लक्ष्य
वहीं हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2024-25 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2030 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से भारत महामारी के बाद वैश्विक सप्लाई चेन में तेजी से उभरकर आने को तैयार है। 

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