शिवराज सिंह चौहान, कृषि मंत्री
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केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लक्ष्य को और बड़ा करते हुए 2029-30 तक छह करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को यह जानकारी दी और कहा कि इस दिशा में सरकार चरणबद्ध तरीके से काम करेगी।
तीन करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य 2025 तक हासिल कर लिया गया
चौहान ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत आयोजित केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति (CLCC) बैठक और राष्ट्रीय लॉन्च कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2027 तक तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे 2025 तक ही हासिल कर लिया गया। इसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, बैंकों और राज्य सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुईं
उन्होंने बताया कि लखपति दीदी उन महिलाओं को कहा जाता है जिनकी वार्षिक शुद्ध आय एक लाख रुपये या उससे अधिक होती है। वर्तमान में देशभर में 3.01 करोड़ महिलाएं इस मुकाम तक पहुंच चुकी हैं और करीब 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं।
मंत्री ने कहा कि अब प्रधानमंत्री ने लक्ष्य बढ़ाकर छह करोड़ लखपति दीदी बनाने का निर्देश दिया है और इसके लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने माना कि पहले तीन करोड़ का लक्ष्य हासिल करना अपेक्षाकृत आसान था, क्योंकि कई महिलाओं की आय पहले से 50 से 60 हजार रुपये के बीच थी, लेकिन अब कम आय वाली महिलाओं की आमदनी बढ़ाना अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही एक विशेष अभियान चलाएगी, जिसके तहत उन महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा जो अभी तक इससे बाहर हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।