सरकार ने इस मामले में 28 और 29 जुलाई को हितधारकों के साथ बैठक की थी। उम्मीद है कि इसे जल्द लागू किया जा सकता है। प्रस्तावित नियम के तहत, स्टील उत्पादों व कच्ची सामग्रियों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य स्टील की गुणवत्ता को नियंत्रित करना है।
चीन से भारत में आकर डंप होने वाले स्टील उत्पादों व कच्ची सामग्री पर रोक लगेगी। सरकार अब क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूसीओ) नियम ला रही है। यह नियम 18 जून के बाद बिलिंग होने वाले स्टील पर लागू होना था, पर यह टल गया था।
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सरकार ने इस मामले में 28 और 29 जुलाई को हितधारकों के साथ बैठक की थी। उम्मीद है कि इसे जल्द लागू किया जा सकता है। प्रस्तावित नियम के तहत, स्टील उत्पादों व कच्ची सामग्रियों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य स्टील की गुणवत्ता को नियंत्रित करना है। जानकारों का मानना है कि इससे डंपिंग रुकेगी और घरेलू उद्योग को बचाने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांंचे की विफलताओं को रोकना मकसद
पूर्व स्टील सचिव अरुणा शर्मा ने कहा, यह नियम जीवन रक्षक सुधार के रूप में है। इसका मकसद बुनियादी ढांचे की विफलताओं को रोकना है। हाल में औद्योगिक और बुनियादी ढांचों में दुर्घटनाओं का उदाहरण देते हुए शर्मा ने कहा, स्टील का इस्तेमाल लिफ्ट, क्रेन, पुल और मनोरंजन स्थलों पर भी होता है। घटिया स्टील से यहां दुर्घटनाएं हुईं, जिन्हें गुणवत्ता जांच से टाला जा सकता था।
डंपिंग पर ऐसे लगेगी लगाम, रुकेगा आयात
अब आयात होने वाले हर स्टील उत्पाद को बीआईएस मानकों पर खरा उतरना होगा। पहले कई स्टील ग्रेड्स को एनओसी के आधार पर आयात की मंजूरी मिलती थी। अब उन्हीं ग्रेड्स को एनओसी मिलेगा, जो भारत में उपलब्ध नहीं हैं। भारत सालाना 4 लाख टन स्टील आयात करता है, जो बीआईएस मानकों पर खरा नहीं उतरता। क्यूसीओ के बाद से स्टील के दाम 51,500 रुपये से घटकर 48,500 रुपये प्रति टन रह गए हैं।