कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने रबी 2026 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत चना, सरसों और मसूर की खरीद को मंजूरी दे दी है। उन्होंने राज्यों से 31 मार्च से पहले केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए कृषि योजनाओं के धन का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की।
कृषि मंत्री ने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि उन्नति योजना के तहत प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष समाप्ति के करीब है, इसलिए राज्यों को किसानों के हित में केंद्रीय निधियों का सही और समय पर उपयोग करना चाहिए।
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किस राज्य को कितनी खरीद की स्वीकृति मिली?
मूल्य समर्थन योजना के तहत रबी की फसल के लिए महाराष्ट्र में 7.61 लाख टन, मध्य प्रदेश में 5.8 लाख टन, राजस्थान में 5.53 लाख टन और गुजरात में 4.13 लाख टन चना खरीद की मंजूरी दी गई है। सरसों की खरीद के लिए राजस्थान को 13.78 लाख टन, मध्य प्रदेश को 6.01 लाख टन और गुजरात को 1.33 लाख टन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पीएसएस को तब लागू किया जाता है जब अधिसूचित दलहन, तिलहन और खोपरा की बाजार कीमतें अधिकतम समर्थन मूल्य से नीचे चली जाती हैं, विशेषकर फसल कटाई के चरम समय में। बैठक में यह भी बताया गया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद 2030-31 तक पूर्व-पंजीकृत किसानों से केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी।
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बैठक में इन राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल
बैठक में महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, हरियाणा, केरल, असम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और त्रिपुरा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सरकार की मूल्य समर्थन योजना PM-AASHA के अंतर्गत पीएसएस, मूल्य कमी भुगतान योजना, बाजार हस्तक्षेप योजना और मूल्य स्थिरीकरण कोष शामिल हैं।
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