देश के व्यस्तम ट्रेन रूट में शुमार दिल्ली-हावड़ा के इलाहाबाद जंक्शन (प्रयागराज)-मुगलसराय (पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन) रेलखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी। इसके लिए केंद्रिय कैबिनेट ने अपनी तरफ से एक योजना को मंजूरी दे दी है, जिस पर 2600 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्चा आएगा। केंद्र सरकार के इस कदम से रेलगाड़ियों की गति में भी इजाफा हो जाएगा।
2024 तक बिछेगी तीसरी रेलवे लाइन
रेल मंत्रालय जल्द ही इन दो स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन बिछाना शुरू कर देगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इलाहाबाद जंक्शन और मुगलसराय के बीच 2024 तक नई रेलवे लाइन को बिछा जाएगा। इन दोनों स्टेशनों के बीच लगभग 150 किलोमीटर की दूरी है।
फिलहाल है ओवरलोड
अभी इस रेलखंड पर सबसे ज्यादा ओवरलोड है। रेलवे का प्लान है कि नई रेल लाइन बन जाने के बाद उस पर मालगाड़ियों को शिफ्ट कर दिया जाएगा, जिससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। इससे ट्रेन भी अपने तय समय पर चल सकती हैं। फिलहाल गाड़ियां ज्यादा होने की वजह से कई बार ट्रेनें घंटों के हिसाब से लेट हो जाती हैं।
लोगों को मिलेगा रोजगार
इस प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने से लोगों को रोजगार भी मिलेगा। अनुमान है कि 36 लाख लोगों के बराबर का श्रम लगेगा। इस रेलवे लाइन को उत्तर मध्य रेलवे बनाएगा। कानपुर से मुगलसराय के बीच ट्रेन सबसे ज्यादा लेट होती हैं। फिलहाल अगर कोई ट्रेन हावड़ा की तरफ से आ रही है तो वो मुगलसराय (डीडीयू जंक्शन) पर तय समय पर पहुंच जाती है। लेकिन मुगलसराय से कानपुर तक ही ट्रेन को पहुंचने में तीन से सात घंटों की अमूमन देरी हो जाती है। हालांकि प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनों को सही समय पर चलाने की कोशिश रेल विभाग की रहती है।
खुर्जा से भाऊपुर के बीच बनी तीसरी लाइन
उत्तर मध्य रेलवे के खुर्जा और कानपुर के निकट स्थित भाऊपुर के बीच तीसरी रेल लाइन बिछ गई है। इस रेलखंड को फिलहाल औपचारिक तौर पर फिलहाल शुरू तो नहीं किया गया है, लेकिन ट्रेनों का ट्रायल होना शुरू हो गया है। इस रेल लाइन के शुरू हो जाने के बाद दिल्ली से कानपुर के बीच भी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। इस नई लाइन पर केवल मालगाड़ियों को चलाया जाएगा। यह लाइन भी पुरानी रेलवे लाइन के ठीक बगल में बनी है।