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Budget 2026 for Census: जनगणना 2027 के लिए आम बजट में 6000 करोड़ रुपये का आवंटन, डेटा संग्रहण डिजिटल होगा

Sun, 01 Feb 2026 04:29 PM IST
शिवम गर्ग बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय बजट 2026-27 में जनगणना 2027 के लिए 6,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। कोविड-19 के कारण छह साल की देरी के बाद यह जनगणना 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी।
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बजट 2026-27 - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट में जनगणना 2027 के लिए 6,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। यह राशि पिछले साल के 1,040 करोड़ रुपये से छह गुना अधिक है। यह ऐतिहासिक जनगणना 2027 की प्रक्रिया कोविड-19 महामारी के कारण हुई देरी के बाद 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी।

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जनगणना भारत में प्रत्येक दस साल में होने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो देश की जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक स्थितियों का आंकलन करती है। इसे 2021 में आयोजित किया जाना था, लेकिन महामारी के कारण यह एक साल के लिए स्थगित हो गई थी।

बजट में 6,000 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन
केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत, 6,000 करोड़ रुपये का आवंटन भारत सरकार ने रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय और अन्य संबंधित योजनाओं के लिए किया है। इसमें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और जनगणना 2027 पर होने वाले खर्चों को कवर किया जाएगा। इस बजट के मुताबिक, जनगणना 2027 का संदर्भ तारीख 1 अक्तूबर 2026 के लिए निर्धारित की गई है, जो कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों के लिए लागू होगी। शेष भारत में यह 1 मार्च 2027 से लागू होगी।
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30 लाख कर्मचारी करेंगे डेटा संग्रहण
यह विशाल जनगणना कार्य लगभग 30 लाख एनुमेरेटर और पर्यवेक्षकों द्वारा किया जाएगा, जो डिजिटल डिवाइस का उपयोग करके डेटा एकत्र करेंगे। इस बार, जनगणना दो चरणों में होगी।
  • पहला चरण, हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) होगा, जिसमें प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाएं एकत्र की जाएंगी।
  • दूसरे चरण, जनसंख्या जनगणना (PE) में प्रत्येक व्यक्ति का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक डेटा एकत्र किया जाएगा। यह कार्य 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा।
जाति जनगणना को लेकर बड़ा कदम
इस बार जनगणना के दौरान जाति जनगणना भी की जाएगी। गृह मंत्रालय ने हाल ही में इसकी घोषणा की थी कि जाति जनगणना दूसरे चरण में, जनसंख्या जनगणना के साथ ही की जाएगी। जनगणना 2027 में पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, और स्व-एनुमेरेशन का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इसके तहत नागरिक अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। यह प्रक्रिया 30 दिनों तक चलेगी, जो कि अप्रैल 1 से सितंबर 30, 2026 के बीच होगी। इस बार हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन के दौरान 33 सवालों का जवाब नागरिकों से लिया जाएगा, जो कि जनगणना के पहले चरण का हिस्सा होंगे। यह 30 दिनों के निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा।

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