निर्मला सीतारमण
सीतारमण देश की पहली ऐसी वित्त मंत्री होगी, जो एक अंतरिम बजट सहित लगातार आठवां बजट पेश करेंगी। इससे पहले बतौर वित्त मंत्री मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी चिदंबरम और यशवंत सिन्हा लगातार 5 बजट पेश कर चुके है। सीतारमण ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह वाणिज्य व रक्षा मंत्रालय संभाल चुकी हैं। सीतारमण कर्नाटक से राज्य सभा सदस्य हैं। निर्मला सीतारमण ऐसे समय 2025-26 का बजट पेश करने जा रही जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ रही है, घरेलू मांग में सुस्ती है और निजी निवेश को अभी गति पकड़नी है। उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में वित्त मंत्री मध्यम वर्ग को टैक्स में कुछ राहत देगी।
तुहिन कांत पांडेय
वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने हाल ही में वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव का कार्यभार संभाला। पांडे 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। पांडेय ने दीपम सचिव के रूप में 24 अक्टूबर, 2019 को पदभार संभालने के बाद 5 साल से ज्यादा काम किया। पांडेय को सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया की बिक्री पूरी करने का श्रेय दिया जाता है, जो लंबे समय से अटकी थी। दीपम सचिव के रूप में उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम को शेयर बाजार में लाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
मनोज गोविल
मध्यप्रदेश कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज गोविल साल 2024 अगस्त से वित्त मंत्रालय में व्यय सचिव हैं। इसके पहले वह कारपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव थे। अपने तीन दशकों से ज्यादा के कार्यकाल के दौरान वह मध्यप्रदेश सरकार में वित्त और वाणिज्यिक कर के प्रभारी प्रमुख सचिव रहे हैं। व्यय सचिव के रूप में गोविल नई योजनाओं को मंजूरी देने, व्यय के दिशा निर्देश तैयार करने और राज्यों को संसाधनों के हस्तांतरण के अलावा अन्य कई जिम्मेदारियां निभाएंगे।
अजय सेठ
1987 बैच के कर्नाटक बैच के आईएएस अधिकारी अजय सेठ अप्रैल, 2021 से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के सचिव का पदभार संभाल रहे हैं। बजट बनाने की प्रक्रिया में डीईए सचिव का अहम रोल होता है। इनमें राजकोषीय योजना, अंतर-मंत्रालयी समन्वय और नीति निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना होता है। सेठ को भारत के पहले सॉवरिन ग्रीन बॉन्ड इश्यू की पहल करने और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस सेक्रेटरिएट के सृजन का श्रेय दिया जाता है।
अरुणीश चावला
1992 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी अरुणीश चावला को 15 दिन तक राजस्व सचिव रहने के बाद 8 जनवरी को विनिवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव का पदभार मिला। चावला ने अस्थायी रूप से सार्वजनिक उद्यम विभाग और संस्कृति मंत्रालय में भी पदभार संभाला। दीपम सचिव के रूप में चावला विनिवेश, मुद्रीकरण और आईडीबीआई बैंक बेचने सहित कई अन्य सरकारी पहल का काम देखेंगे।
एम.नागराजू
त्रिपुरा कैडर के 1993 बैक के आईएएस अधिकारी एम.नागराजू को 19 अगस्त, 2024 को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव के पद पर नियुक्त किया गया। वह फिनटेक के विनियमन, वित्तीय समावेशन और डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे के निर्माण पर इस बजट में वित्त मंत्री को सलाह देने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक होंगे। हैदराबाद विश्वविद्यालय से परास्नातक नागराजू इसके पहले स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, वित्त, वाणिज्य और उद्योग जैसे महत्त्वपूर्ण विभागों में सचिव से लेकर प्रधान सचिव पद पर रह चुके हैं। नागराजू 2008 से 2012 के बीच वाशिंगटन में विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं।
वी.अनंत नागेश्वरन
भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन लेखक और अध्यापक हैं। वह सीतारमण के नजदीक सलाहकारों में से एक हैं। बजट की वृहद आर्थिक पृष्ठभूमि तैयार करने में उनकी भूमिका है, जिसके आधार पर बजट लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं और बजट भाषण लिखा जाता है। अर्थशास्त्रियों की अपनी टीम के साथ सीईए आर्थिक समीक्षा लिखते हैं, जिसे बजट पेश किए जाने के एक दिन पहले (31 जनवरी) को संसद में पेश किया जाना है। नागेश्वरन का 3 साल का कार्यकाल इस वित्त वर्ष में समाप्त होने जा रहा है। नागेश्वरन ने भारतीय प्रबंध संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएम-ए) से एमबीए की उपाधि ली है और एमहर्स्ट में मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है।