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Union Budget: बजट में दिल्ली को क्या मिला? भाजपा ने कहा पूरे हुए सपने, आप ने बताया धोखा

अमित शर्मा
Updated Tue, 23 Jul 2024 10:43 PM IST

सार

भाजपा के मुताबिक बजट 2024-25 में आवास योजना पर निवेश में वृद्धि का एलान हुआ है, लेकिन इससे दिल्ली के गरीबों को लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि केजरीवाल अनुमति नहीं दे रहे हैं। सत्ताधारी दल- आम आदमी पार्टी (AAP) के मुताबिक इस बजट में दिल्ली के लोगों को धोखा मिला है।
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आम आदमी पार्टी ने बजट में दिल्ली के साथ नाइंसाफी के आरोप लगाए - फोटो : अमर उजाला


केंद्रीय बजट में दिल्ली के लिए बजटीय आवंटन लगभग 1,168 करोड़ रुपये है। दिल्ली पुलिस को 11,180 करोड़ रुपये मिलेंगे। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 220 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। लेकिन कई अन्य सुविधाओं के लिए अलग से फंड दिए जाते हैं जिनका उपयोग दिल्ली के लोग करते हैं। 


दिल्ली मेट्रो, एनएचएआई, आरआरटीएस, एनडीएमसी परिचालन खर्च, दिल्ली के विभिन्न केंद्रीय अस्पतालों (एम्स और आरएमएल आदि), दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की पेंशन की लागत और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बजट आदि को मिलाकर लगभग 50,000 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त होते हैं। इन सेवाओं का लाभ दिल्ली के लोग ही लेते हैं।


भाजपा ने किया स्वागत

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बजट में दिल्ली का ध्यान रखने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 एक समग्र विकास को उन्मुख बजट है। इसमें समाज के हर वर्गों का ध्यान रखा गया है। उन्होंने बजट युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष तौर पर लाभकारी बताया है। 


उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने केंद्र से कर संग्रह का केवल 20 फीसदी मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने राजधानी से कर संग्रह का लगभग 30 फीसदी इसे देने की घोषणा की है। उन्होंने इसे 2047 के विकसित भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने का माध्यम बताया। 


सचदेवा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बजट 2024-25 में आवास योजना निवेश में वृद्धि से दिल्ली के गरीबों को लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि केजरीवाल सरकार दिल्ली में केंद्रीय आवास योजनाओं को लागू करने की अनुमति नहीं दे रही है। 

दिल्ली को मिला धोखा- आप

आम आदमी पार्टी सरकार में वित्त मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि बजट में दिल्ली के लोगों को धोखा मिला है। दिल्ली सबसे अधिक कर देने वाले राज्यों में शामिल है, जबकि केंद्र सरकार बजट में दिल्ली की उपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि पिछले साल दिल्ली के लोगों ने केंद्र सरकार को 2.32 लाख करोड़ रुपये टैक्स दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने दिल्ली को बजट में कुछ नहीं दिया। 
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