वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बार के बजट में अपना पूरा फोकस रिफॉर्म पर रखना चाहिए। इस समय खपत कैसे बढ़े, इस पर बजट को केंद्रीत रखना पड़ेगा, क्योंकि तभी पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था को बनाने का लक्ष्य पूरा हो सकता है। अमर उजाला से बातचीत में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. एसपी शर्मा ने कहा सरकार को इसके साथ ही पांच लाख तक की आय को करमुक्त करने की घोषणा करनी चाहिए।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार को डायरेक्ट टैक्स कोड के हिसाब से प्रत्यक्ष करों में कमी करनी चाहिए, क्योंकि इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा, जिससे खर्च बढ़ेगा। ऐसे में फिर से मांग में भी इजाफा होगा, जो उद्योगों को भी बल देगा। आयकर में 10 लाख रुपये की सालाना आय पर 10 फीसदी टैक्स, 20 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स, 20 लाख से दो करोड़ रुपये तक की आय पर 30 फीसदी टैक्स और दो करोड़ रुपये से ज्यादा की आय पर 35 फीसदी टैक्स लगना चाहिए।
फिलहाल लघु व सूक्ष्म उद्योगों को किसी तरह की वित्तीय मदद नहीं मिल रही है, जिससे वो प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं और उनकी ग्रोथ भी प्रभावित हो रही है। एमएसएमई की मदद के लिए सरकार एक 25 हजार करोड़ रुपये का फंड बना सकती है। इसके साथ ही लोन लेने वाली इन कंपनियों को किसी तरह का कुछ भी गिरवी नहीं रखना पड़े, ऐसी कुछ घोषणा बजट में वित्त मंत्री को करनी चाहिए।
वहीं 95 फीसदी एमएसएमई प्रोपराइटरशिप या फिर पार्टनरशिप में हैं। इन कंपनियों को हाल में ही की गई कॉर्पोरेट टैक्स में कमी का लाभ भी नहीं मिला है। ऐसे में इन कंपनियों पर टैक्स की सीमा को 25 फीसदी कर दिया जाए, ताकि इनको कर का कम भुगतान करना पड़े। इसके साथ ही ऐसी कंपनियों को निर्यात से होने वाली कमाई पर टैक्स माफ कर देना चाहिए, ताकि ये कंपनियां भी वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सरकार को स्वास्थ्य पर अपना बजट बढ़ाना चाहिए। यह जीडीपी का तीन फीसदी तक हो और हर साल बजट में यह बढ़े, ताकि लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का दायरा भी बढ़ाया जाए। यह प्रत्येक एक किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए और अस्पताल 10 किलोमीटर में होना चाहिए ताकि लोगों को इसका लाभ मिले।
शर्मा ने कहा कि सरकार को इस बार के बजट में शिक्षा पर खर्च को बढ़ाकर के जीडीपी का 4.5 फीसदी करना चाहिए। स्कूल एक किलोमीटर के दायरे में, कॉलेज 10 किलोमीटर और विश्वविद्यालय 25 किलोमीटर के दायरे में हो। ऐसा सरकार अगले पांच साल में कर सकती है।