सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनमी के हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त, 2021 में देश में बेरोजगारी की दर 8.32 फीसदी थी और उसके बाद इस साल फरवरी में यह फिर से एक बार आठ फीसदी के पार पहुंच गई थी। उस समय गांवों में भी एक साल में बेरोजगारी दर आठ फीसदी के पार सर्वोच्च स्तर पर थी।
शहरी इलाकों में इस महीने के पहले 15 दिनों में बेरोजगारी की दर 9.35 फीसदी पर पहुंच गई है। यह अगस्त, 2021 के बाद सबसे ज्यादा है। उस समय बेरोजगारी दर 9.78 फीसदी थी। इस महीने गांवों में बेरोजगारी दर 7.18 फीसदी रही है। हालांकि यह जून में 8.03 फीसदी और जुलाई में 6.14 फीसदी पर थी।
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सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनमी के हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त, 2021 में देश में बेरोजगारी की दर 8.32 फीसदी थी और उसके बाद इस साल फरवरी में यह फिर से एक बार आठ फीसदी के पार पहुंच गई थी। उस समय गांवों में भी एक साल में बेरोजगारी दर आठ फीसदी के पार सर्वोच्च स्तर पर थी। पिछले एक साल में पूरे देश में सबसे कम बेरोजगारी दर इस साल जनवरी में थी।
25 जुलाई के बाद से शहरों में आठ फीसदी से ऊपर दर
इस साल 25 जुलाई के बाद से शहरी इलाकों में हर दिन 8 फीसदी के ऊपर ही बेरोजगारी दर रही है। पिछले 21 दिनों में इसमें किसी भी दिन कमी नहीं आई है। 16 अगस्त को यह 9.44% पर चली गई। गांवों में 27 जुलाई के बाद से बेरोजगारी की दर 6 फीसदी से ज्यादा रही है। पूरे देश में यह 24 जुलाई से लगातार बढ़ी है। केवल एक अगस्त को इसमें मामूली कमी आई थी।
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नरेगा के तहत रोजगार में 47 फीसदी की गिरावट
मनरेगा के रोजगार में जुलाई की तुलना में अगस्त में 47 फीसदी की गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में कुल कामगारों की संख्या 22.2 करोड़ प्रतिदिन रही, जो जून में 42.2 करोड़ प्रतिदिन थी।