साल 2025 तक भारत में बेहद अमीरों यानी अल्ट्रा हाई नेट वर्थ इंडिविजुल्स (UHNWI) की संख्या 63 फीसदी बढ़कर 11,198 हो सकती है। वहीं, विश्वभर में बेहद अमीरों की संख्या साल 2020 से लेकर 2025 के बीच 27 फीसदी बढ़कर 663,483 हो सकती है। इस मामले में भारत विश्वभर में तेजी से बढ़ने वाला दूसरा देश होगा। अगर आपके पास 44 लाख रुपये की नेट वेल्थ (कुल एसेट माइनस लाइबिलिटी) है, तो आप देश के एक फीसदी रईस लोगों में शुमार हैं।
44 लाख की नेट वेल्थ वाले देश के एक फीसदी अमीरों में शुमार
प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक की 'द वेल्थ रिपोर्ट 2021' में दुनियाभर के देशों में रईसों का कटऑफ जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की तरह इंडोनेशिया और फिलीपींस में भी एक फीसदी सबसे अमीरों के क्लब में शामिल होने के लिए 44 लाख रुपये की नेट वर्थ होनी चाहिए।
भारत में बेहद अमीरों की संख्या इंडोनेशिया से 10 गुना और फिलीपींस से 14 गुना अधिक है। नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुमान के मुताबिक, भारत में एक फीसदी सबसे अमीरों के क्लब में शामिल होने की सीमा आगामी पांच सालों में दोगुनी हो सकती है। इस अवधि के दौरान सबसे अधिक अमीरों की संख्या में इंडोनेशिया में 67 फीसदी बढ़ोतरी और उसके बाद भारत में 63 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह आंकड़ा वैश्विक औसत की तुलना में कहीं अधिक है।
दुनिया में फिलहाल 190,085 अति धनवान लोग
रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि दुनिया में फिलहाल 5,21,653 अति धनवान (अल्ट्रा हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स) लोग हैं। इनमें भारत के 6,884 अति धनवान शामिल हैं। विश्व के अति धनवानों की संख्या साल 2020 से 2025 के बीच 27 फीसदी बढ़कर 6,63,483 होने की उम्मीद है।
बढ़ेगी अरबपतियों की संख्या
आगे रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत में अरबपतियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में अरबपतियों की संख्या 113 थी, जो 2025 में 43 फीसदी बढ़कर 162 हो सकती है।