ब्रिटेन के दक्षिण एशिया मंत्री लॉर्ड तारिक अहमद भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं और इस दौरान वह ब्रिटेन की ओर से वित्तपोषित दो नई स्थिरता परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। लॉर्ड अहमद सोमवार से अपनी यात्रा के दौरान चेन्नई और अहमदाबाद का दौरा कर रहे हैं, दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी सोमवार से ब्रिटेन यात्रा शुरू कर रहे हैं। विदेश कार्यालय ने कहा कि अहमद की यात्रा देश की दीर्घकालिक विदेश नीति के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में मजबूत होते ब्रिटेन-भारत संबंधों और हिंद-प्रशांत में इसके "स्थायी जुड़ाव" को दर्शाती है।
संयुक्त राष्ट्र, पश्चिम एशिया, दक्षिण एशिया मामलों के राज्य मंत्री और यौन हिंसा को रोकने के लिए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के विशेष प्रतिनिधि अहमद ने कहा, ''तमिलनाडु और गुजरात उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास में अग्रणी हैं और मैं यह देखकर खुश हूं कि ब्रिटिश कंपनियां इस क्षेत्र में नवाचार लाने में आगे बढ़ रहे हैं।
चेन्नई में, ब्रिटिश मंत्री तमिलनाडु के राज्य योजना आयोग के साथ एक गर्मी शमन परियोजना का शुभारंभ करेंगे।
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के अनुसार, यह परियोजना तमिलनाडु सरकार को अत्यधिक गर्मी से संबंधित मौतों और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र के नुकसान को संबोधित करने के लिए सिफारिशें प्रदान करेगी। तमिलनाडु पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ, वह एक इलेक्ट्रॉनिक और बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना भी शुरू करेंगे, जो बैटरी कचरे को कम करने की योजना विकसित करेगा।
विदेश कार्यालय ने कहा, ''तमिलनाडु और गुजरात भारत की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, मंत्री अपनी यात्रा का इस्तेमाल ब्रिटेन-भारत के बीच मजबूत व्यापारिक साझेदारी को रेखांकित करने और स्वच्छ ऊर्जा वृद्धि समेत सहयोग के नए अवसरों का पता लगाने के लिए करेंगे।
चेन्नई में तमिलनाडु ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (टीएनजीआईएम) के दौरान, अहमद जलवायु और ऊर्जा में अभिनव यूके-इंडिया परियोजनाओं की सफलता पर मुख्य भाषण देंगे। इसके बाद अहमद द्विवार्षिक निवेशक शिखर सम्मेलन, वाइब्रेंट गुजरात के उद्घाटन के लिए अहमदाबाद जाएंगे। वाइब्रेंट गुजरात में वह ब्रिटेन के एबर्टे विश्वविद्यालय और भारत के कोल इंटुइट लैब के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साक्षी बनेंगे, जो दोनों संगठनों के बीच साझा किए गए शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार विशेषज्ञता की दिशा में एक साझेदारी समझौता होगा।