कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ उदय कोटक ने पद से इस्तीफा दे दिया है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक ने इस बारे में जानकारी दी है। फिलहाल, ज्वाइंट एमडी दीपक गुप्ता एमडी और सीईओ के रूप में कार्य करेंगे। हालांकि उदय कोटक को 31 दिसंबर 2023 को अपने पद से रिटायर होना था लेकिन उन्होंने अपने रिटायरमेंट से करीब चार महीने पहले बैंक के एमडी और सीईओ पद से त्यागपत्र दे दिया है।
उदय कोटक ने बैंक के बोर्ड को एक पत्र लिखकर कहा है कि हालांकि, मेरे पास अभी कुछ महीने हैं लेकिन मैं तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने पिछले कुछ समय में इस फैसले के बारे में विचार किया और मेरा मानना है कि यह किसी भी संस्था के लिए सही चीज है।
शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक कि बैंक की आज हुई बोर्ड बैठक में उदय कोटक के इस्तीफे पर विचार किया गया और वह एक सितंबर 2023 से बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ नहीं रहे। वह अब बैंक के गैर-कार्यकारी निदेशक बन गए हैं।
संस्थापक चले जाते हैं, लेकिन संस्था निरंतर फलती-फूलती रहती है
उदय कोटक ने एक्स (ट्विटर) पर अपना एक पत्र शेयर करते हुए लिखा कि बहुत साल पहले मैंने देखा था कि जेपी मॉर्गन और गोल्डमैन सैक्श जैसे नामों का वित्तीय जगत में दबदबा था और मैंने भारत में ऐसा ही एक इंस्टीच्युशन बनाने का सपना देखा था। इसी सपने के साथ आज से 38 साल पहले मैंने तीन कर्मचारियों के साथ मुंबई के फोर्ट में 300 वर्गफुट में कोटक महिंद्रा की शुरुआत की थी। मैंने अपने सपने को जीते हुए इस यादगार यात्रा के हर पल को संजोया है।
संस्थापक के रूप में, मैं ब्रांड कोटक से गहराई से जुड़ा हुआ हूं और गैर-कार्यकारी निदेशक और महत्वपूर्ण शेयरधारक के रूप में संस्थान की सेवा करना जारी रखूंगा। विरासत को आगे बढ़ाने के लिए हमारे पास एक उत्कृष्ट प्रबंधन टीम है। संस्थापक चले जाते हैं, लेकिन संस्था निरंतर फलती-फूलती रहती है।
उदय कोटक ने आगे लिखा कि हमने अपने स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएट किया है और एक लाख से ज्यादा रोजगार का सृजन किया है। साल 1985 में कोटक महिंद्रा में किए गए 10,000 रुपये के निवेश का मूल्य इस समय करीब 300 करोड़ रुपये होगा। मुझे विश्वास है कि यह भारतीय स्वामित्व वाली संस्था भारत को एक सामाजिक और आर्थिक महाशक्ति में बदलने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।