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Online Fraud: बेंगलूरु के दो लोगों को साइबर जालसाजों ने 95 लाख रुपये का चूना लगाया, जानें पूरी कहानी

Mon, 04 Nov 2024 02:01 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Online Fraud: साइबर जालसाजों बेंगलुरु के दो लोगों से सामूहिक रूप से करीब 95 लाख रुपये की ठगी की है। उन्हें इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति व रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की मौजूदगी कथित वीडियो का इस्तेमाल उन्हें संदिग्ध लिंक पर ले जाने के लिए किया गया था और ठगी की गई। आइए जानते हैं पीड़ितों को कैसे चूना लगाया गया?
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ऑनलाइन धोखाधड़ी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दो लोगों ने बेंगलुरु पुलिस से शिकायत की है कि दो शीर्ष कारोबारियों के कथित फर्जी वीडियो का शिकार होकर उन्होंने साइबर जालसाजों के हाथों सामूहिक रूप से करीब 95 लाख रुपये गंवा दिए हैं। उन्होंने सोमवार को बताया कि दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं ने कथित वीडियो की प्रामाणिकता की जांच नहीं की और कुछ संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया, जिससे वे जालसाजों की ओर से बनाई गई फर्जी वेबसाइटों पर पहुंच गए, जिनका उद्देश्य लोगों को ठगना और उनसे अधिक रिटर्न का वादा करके पैसों की ठगी करना है।

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में निवेश करने के बाद ही उन्हें एहसास हुआ कि इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की मौजूदगी वाले कथित वीडियो का इस्तेमाल उन्हें संदिग्ध लिंक पर ले जाने के लिए किया गया और बिना किसी जांच-पड़ताल के उन्होंने निवेश करना शुरू कर दिया। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वे ऐसी हस्तियों के फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर रहे थे।"

पुलिस ने बताया कि पहले मामले में यहां बनशंकरी निवासी एक व्यक्ति को एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का वीडियो दिखा, जिसमें निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा किया गया था। महिला के अनुसार, उसने कुछ संदिग्ध दिखने वाली वेबसाइट पर लिंक पर क्लिक किया और कथित प्लेटफ़ॉर्म के साथ अपनी जानकारी साझा की। बाद में, उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फ़ोन आया, जिसने कथित प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े एजेंट होने का दावा करते हुए उसे ज़्यादा रिटर्न के लिए निवेश करने के लिए मना लिया।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में उसने करीब 1.4 लाख रुपये का निवेश किया और उसे 8,000 रुपये का रिटर्न मिला और जब उसने दूसरी बार 6.7 लाख रुपये का निवेश किया तो उसे कोई रिटर्न नहीं मिला और निवेश की गई राशि भी चली गई। पुलिस ने बताया कि इसी तरह एक अन्य प्लेटफॉर्म पर भी उसके साथ 67 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई।

अधिकारी ने बताया कि दूसरे मामले में, एक सेवानिवृत्त कर्मचारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो का शिकार हो गया, जिसमें एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया गया था, जिसमें निवेश पर अधिक रिटर्न का वादा किया गया था।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कथित जालसाजों द्वारा बताए गए दो अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की तो उन्हें 19 लाख रुपए का नुकसान हुआ। लेकिन, एक बार रकम ट्रांसफर हो जाने के बाद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। अधिकारी ने कहा, "ऐसा भी हो सकता है कि धोखेबाजों ने इन हस्तियों के वीडियो का इस्तेमाल किया हो, जो उनकी आम सभा या हितधारकों के लिए थे और इसका दुरुपयोग भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए किया गया हो। कथित वीडियो पर भरोसा करके, वे धोखेबाजों द्वारा भोले-भाले लोगों को फंसाने के लिए बनाई गई ऐसी फर्जी वेबसाइटों पर क्लिक करके मुसीबत में फंस गए।"

पुलिस ने बताया कि सीईएन (साइबर इकोनॉमिक एंड नारकोटिक्स) साउथ पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं और घोटाले में शामिल अपराधियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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