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E-Two Wheeler: ई-दोपहिया वाहनों की बिक्री में ढाई गुना बढ़ोतरी, फेम योजना का विस्तार जरूरी

Tue, 11 Apr 2023 06:11 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

ई-वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (एसएमईवी) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च को समाप्त पिछले वित्त वर्ष में अधिकतम 25 किलोमीटर की रफ्तार वाले 1.2 लाख ई-स्कूटर बिके।
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E-vehicle - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच देश में ई-दोपहिया वाहनों की बिक्री 2022-23 में ढाई गुना बढ़कर 8,46,976 इकाई पहुंच गई। 2021-22 में कुल 3,27,900 ई-दोपहिया वाहन बिके थे।

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ई-वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (एसएमईवी) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च को समाप्त पिछले वित्त वर्ष में अधिकतम 25 किलोमीटर की रफ्तार वाले 1.2 लाख ई-स्कूटर बिके। 2021-22 के दौरान ऐसे 75,457 ई-स्कूटर बिके थे। वहीं, 25 किलोमीटर से अधिक रफ्तार वाले ई-दोपहिया वाहनों की बिक्री 7,26,976 इकाई रही। 2021-22 में ऐसे ई-स्कूटरों की बिक्री 2,52,433 इकाई रही थी।

फेम योजना का विस्तार जरूरी
एसएमईवी के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा, देशभर में ई-वाहनों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ाने के लिए सरकार को अन्य प्रयास करने होंगे। ई-वाहन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को प्रोत्साहित करने व इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिहाज से कम-से-कम 3-4 साल के लिए फेम योजना का विस्तार करना होगा।
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2023-24 में करीब 15 लाख की बिक्री का अनुमान
उधर, वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि लोगों ने ई-वाहनों को लेकर रुझान बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष यानी 2023-24 में करीब 15 लाख ई-दोपहिया वाहन बिक सकते हैं। फिर भी, यह नीति आयोग के महत्वाकांक्षी लक्ष्य 23 लाख से कम है। 

तेज वृद्धि के बावजूद स्वीकार्यता दर कम : संगठन ने कहा कि बिक्री में तेज वृद्धि के बावजूद 2022-23 के दौरान ई-दोपहिया वाहनों की स्वीकार्यता की दर नीति आयोग के लक्ष्य से 25 फीसदी से अधिक पीछे रही है। इसके अलावा, फेम-2 योजना के तहत चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने की वजह से सब्सिडी जारी नहीं किए जाने से इन वाहनों की बिक्री प्रभावित हुई है।

30% का अल्पावधि लक्ष्य पाना एक सपना
एसएमईवी के महानिदेशक गिल ने कहा, बीते वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान सिर्फ 5 फीसदी अनुकूलन होने से 30 फीसदी का अल्पावधि लक्ष्य हासिल कर पाना एक सपना ही लग रहा है।

  • हालांकि, फेम-2 के चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम की पात्रता शर्तों को दो साल तक बढ़ाकर और अप्रैल, 2023 से इसे सख्ती से लागू कर चीजों को पटरी पर लाया जा सकता है।
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