दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी ताइवान स्थित टीएसएमसी ने एआई की तेज मांग के दम पर मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने अक्तूबर- दिसंबर तिमाही में 506 अरब न्यू ताइवान डॉलर (करीब 16 अरब डॉलर) का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। यह एक साल पहले की तुलना में 35% अधिक है। यह आंकड़ा बाजार अनुमानों से भी बेहतर रहा।
टीएसएमसी ने बताया कि इसी तिमाही में उसका राजस्व सालाना आधार पर 21% बढ़कर 1.046 ट्रिलियन न्यू ताइवान डॉलर (लगभग 33 अरब डॉलर) पर पहुंच गया। एनवीडिया और एपल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को चिप सप्लाई करने वाली टीएसएमसी को एआई से जुड़े हाई-एंड प्रोसेसर की मजबूत मांग का सीधा फायदा मिल रहा है।
मजबूत कारोबारी प्रदर्शन के बीच कंपनी ने अपने निवेश प्लान को भी आक्रामक बनाया है। टीएसएमसी ने कहा कि वह 2026 में पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 52 से 56 अरब डॉलर करने की योजना बना रही है, जो पिछले साल के करीब 40 अरब डॉलर से लगभग 40% अधिक है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी वेंडेल हुआंग ने कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि आने वाले तीन वर्षों में खर्च काफी ज्यादा रहेगा और उन्नत चिप तकनीकों की मांग लगातार मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
शेयर बाजार में भी TSMC का दबदबा दिख रहा है। कंपनी के ताइवान में सूचीबद्ध शेयर इस साल की शुरुआत से अब तक 8% से ज्यादा चढ़ चुके हैं और इस महीने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ टीएसएमसी एशिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन चुकी है।
वैश्विक स्तर पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की होड़ तेज है। माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अल्फाबेट जैसी कंपनियां भी एआई पर भारी खर्च कर रही हैं। हालांकि, कुछ विश्लेषक इसे संभावित एआई को बुलबुले के रूप में देखते हैं, जिसके चलते बीच-बीच में टेक शेयरों में बिकवाली भी देखने को मिलती है।