अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत के साथ एक अच्छे व्यापार समझौते को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की। ट्रंप ने पीएम मोदी को शानदार नेता और अच्छा दोस्त बताया।
हालांकि, इस सकारात्मक बयान के बावजूद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारतीय निर्यात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% तक के टैरिफ को करीब पांच महीने हो चुके हैं। ये शुल्क भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को लेकर ट्रंप प्रशासन की ओर से जुर्माना करार दिए गए थे। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों देशों के बीच अंतिम व्यापार समझौता कब होगा।
टैरिफ लागू होने से पहले ही दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी थी। फरवरी में औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद मार्च-अप्रैल से व्यापार वार्ता ने औपचारिक रूप लिया, लेकिन बीते कुछ दिनों में ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों ने तस्वीर को और जटिल कर दिया है।
अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया कि भारत-अमेरिका संभावित ट्रेड डील इसलिए अटक गई क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया। इस दावे को भारत ने तुरंत खारिज कर दिया। वहीं, ट्रंप के एक अन्य सहयोगी ने यह कहकर चिंता बढ़ा दी कि राष्ट्रपति ने एक ऐसे बिल को हरी झंडी दी है, जिससे भारत पर टैरिफ 500% तक बढ़ाए जा सकते हैं।
इन बयानों के बीच उम्मीद की एक किरण तब दिखी, जब भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है और व्यापार वार्ता अब भी जारी है।
इससे पहले इसी महीने एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने पीएम मोदी को अच्छा आदमी बताते हुए कहा था कि भारत उन्हें खुश करना चाहता था, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अमेरिका बहुत तेजी से भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, जिसके बाद 10 मई को संघर्ष विराम की घोषणा हुई। इसे लेकर ट्रंप दावा करते आए हैं कि यह उनके हस्तक्षेप से यह संभव हुआ।
डब्ल्यूईएफ के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की आर्थिक मजबूती पूरी दुनिया को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने अमेरिका को दुनिया का आर्थिक इंजन बताते हुए कहा कि व्हाइट हाउस में वापसी के एक साल के भीतर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेज उछाल आया है, विकास बढ़ा है, निवेश और आय में इजाफा हुआ है और महंगाई पर काबू पाया गया है।