भारत में लगभग हर कोई डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का उपयोग करता है। ऐसे में अब धारकों के लिए एक राहत भरा एलान हो सकता है। जल्द ही डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से 10 हजार रुपये तक की खरीदारी करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। सरकार के इस कदम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।
20 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले दुकानदार छोटे दुकानदार की श्रेणी में आते हैं। वहीं 20 लाख से ज्यादा टर्नओवर वाले दुकानदार बड़े दुकानदारों की श्रेणी में आते हैं।
बता दें कि एमडीआर दुकानदार और बैंक के बीच कारोबारी लेनदेन होता है। इसका भार ग्राहकों पर ही डाला जाता है। दुकानदार ग्राहक से कार्ड के जरिए भुगतान पर लगने वाला शुल्क ग्राहकों से वसूलते हैं। वहीं क्यूआर कोड के जरिए भुगतान कराने वाली कंपनियां कैश बैक के जरिए यह शुल्क दुकानदार को लौटा देती हैं।
बैंकों की मांग है कि ब्रांच में होने वाले नकद व्यवहार पर एक शुल्क तय किया जाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों के लिए कैश हेंडलिंग खर्चीला है। इसलिए बैंक चाहते हैं कि इसका खर्च ग्राहकों पर ही डाला जाए।