अमेरिका और चीन के बीच भी व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत सफल रही है। स्टॉकहोम में दोनों देशों के बीच हुई व्यापार वार्ता में चीन और अमेरिका एक-दूसरे पर टैरिफ रोक जारी रखने पर सहमत हो गए हैं। बताया जा रहा है कि अब अमेरिका और चीन एक-दूसरे टैरिफ नहीं लगाएंगे।
चीनी और अमेरिकी व्यापार अधिकारियों ने सोमवार और मंगलवार को स्वीडिश राजधानी में व्यापार वार्ता की। पहले दिन स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्यालय में बंद दरवाजों के पीछे लगभग पांच घंटे तक बातचीत चली। मंगलवार को वार्ता से पहले स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की।
दोनों देशों में चल रहा टैरिफ वार
इससे पहले 12 मई को दोनों देशों ने जवाबी टैरिफ को कम करने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की थी। तब दोनों देश 90 दिनों के लिए एक-दूसरे पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को 115% कम करने पर सहमत हुए थे। अमेरिका ने अबतक चीन से आने वाले सामानों पर 145% का टैरिफ लगा रखा था, वो अब 90 दिनों के लिए कम होकर 30% ही रह जाएगा। वहीं चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% का टैरिफ लगा रखा था, जो कम होकर केवल 10% पर आ जाएगा।
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक की खबरों को बताया गलत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ किसी संभावित बैठक से इनकार किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि वे, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक करने की कोई कोशिश नहीं कर रहे हैं और जो इस संबंध में खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि एक फर्जी खबर चलाई जा रही है कि मैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक करना चाहता हूं। ये सही नहीं है। मैं ऐसा कुछ नहीं चाह रहा हूं। मैं चीन जा सकता हूं, लेकिन ये तभी होगा, जब चीन के राष्ट्रपति मुझे निमंत्रण देंगे, जो दिया गया है। वरना मेरी इसमें कोई रुचि नहीं है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं अभी स्कॉटलैंड में हूं और हमने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता किया है और कई अन्य मुद्दों पर बात हुई। अमेरिका अभी बहुत अच्छा कर रहा है।'