MSME for Bharat: एमएसएमई फॉर भारत के दूसरे सत्र में अशोग सैगल, अनिल भारद्वाज और आरके सिंह ने बताया कि देश के एसएसएमई को फ्यूचर रेडी कैसे बनाया जाए। इस दौरान उन्होंने नीति, प्रौद्योगिकी और विकास को जोड़ने की रणनीतियां बताई। आइए इस बारे में जानें।
देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई दिशा देने, उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने और “वोकल फॉर लोकल” के विजन मजबूती देने के उद्देश्य से अमर उजाला की ओर से आयोजन एमएसएमई फॉर भारत आयोजन के दूसरे सत्र में वित्तीय जगत के दिग्गजों ने बताया कि देश के एमएसएमई क्षेत्र को फ्यूचर रेडी कैसे बनाया जाए। एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव, एक्सपो व अवार्ड्स 2025 का आयोजन भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में जारी है।
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एमएसएमई फॉर भारत के दूसरे सत्र में अशोग सैगल, अनिल भारद्वाज और आरके सिंह ने बताया कि देश के एसएसएमई को फ्यूचर रेडी कैसे बनाया जाए। इस दौरान उन्होंने नीति, प्रौद्योगिकी और विकास को जोड़ने की रणनीतियां बताई।
एंटरप्राइस को बड़ा बनाना बहुत मुश्किल है। इससे जुड़ी दिक्कतों को दूर किया जाना चाहिए। ज्यादातर दिक्कते राज्यों की हैं। कुछ दिक्कतें केंद्र से भी जुड़ी हैं उन्हें दूर किया जाना चाहिए।
-अनिल भारद्वाज
हममें अपने आप सोचने की क्षमता कम है। इसे दूर करने की जरूरत है। ऐसे में हमें चीजों को खुद से सीखने की कोशिश करनी चाहिए। खुद को योजनाओं के प्रति अवेयर बनाना चाहिए।
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-अशोग सैगल
हमें एमएसएमई को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटली रिस्पॉन्सिव होने की जरूरत है। आज एआई का दौर है, इसका सटीक इस्तेमाल कर हम एमसएमई को फ्यूचर रेडी बना सकते हैं।