फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

FD vs Stock Market: इस साल एफडी से कम रिटर्न दे सकता है शेयर बाजार, नौ फीसदी का घाटा दिया शेयर बाजार ने

Mon, 18 Jul 2022 02:42 AM IST
देव कश्यप अजीत सिंह, नई दिल्ली।

सार

इस साल दिसंबर तक दुनिया के अधिकतर देशों के केंद्रीय बैंक दरों को ऊपर रखने की कोशिश करेंगे। क्योंकि महंगाई का तड़का आगे भी जारी रहेगा। इससे बाजारों पर असर दिखता रहेगा। 
विज्ञापन
बैंक एफडी (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चालू कैलेंडर साल का सातवां महीना बीतने वाला है। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स ने करीबन नौ फीसदी का घाटा दिया है। यह तीन जनवरी को 58,662 से टूटकर अब 53,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। लगातार बढ़ रही महंगाई, ब्याज दरों के ऊपर जाने और कई देशों में भू-राजनीतिक संकट ने न केवल भारतीय बाजार, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों को प्रभावित किया है। ऐसे में इस साल के बचे पांच महीने में भी शेयर बाजार से पांच फीसदी से कम रिटर्न मिलने की गुंजाइश है। जबकि एफडी के निवेश पर छह से सात फीसदी का ब्याज मिलेगा।

विज्ञापन


इस साल दिसंबर तक दुनिया के अधिकतर देशों के केंद्रीय बैंक दरों को ऊपर रखने की कोशिश करेंगे। क्योंकि महंगाई का तड़का आगे भी जारी रहेगा। इससे बाजारों पर असर दिखता रहेगा। 

अगस्त से और बढ़ेगा ब्याज
वैसे इस समय कुछ बैंक एफडी पर 5 फीसदी तो कुछ 6 फीसदी तक का ब्याज दे रहे हैं। ऐसे में अगर शेयर बाजार का भी यही रिटर्न मान लिया जाए तो सेंसेक्स 55,000 से 56,000 तक जा सकता है। हालांकि अगस्त में जिस तरह से ब्याज दरें बढ़ाने की आरबीआई की योजना है, ऐसे में बाजार में आगे गिरावट बनी रह सकती है। आरबीआई की इस पूरे साल दरों को बढ़ाने की योजना है। इससे रेपो रेट 6 फीसदी के ऊपर जा सकता है जो फिलहाल 4.90 फीसदी है। हालांकि रेपो दर बढ़ने से अगस्त में फिर से एफडी पर ब्याज दरें ऊपर जा सकती हैं। 
विज्ञापन


कॉरपोरेट एफडी में भी ज्यादा रिटर्न
वैसे कम समय के लिए आप चाहें तो भले ही बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) का सहारा ले सकते हैं। लेकिन लंबी अवधि में आपको कॉरपोरेट एफडी का रास्ता अपनाना चाहिए। कॉरपोरेट एफडी की सुविधा देश की कुछ प्रमुख कंपनियां देती हैं। यह बैंकों के जमा की तुलना में 2-3 फीसदी ज्यादा ब्याज देती हैं। ऐसे में एकाध साल के लिए इसमें निवेश आपको बैंक एफडी की तुलना में अच्छा रिटर्न दे सकता है। 

लिक्विड फंड में भी रख सकते हैं पैसे
वैसे बैंक एफडी की तुलना में लिक्विड फंड भी एक बेहतर विकल्प है। यहां पर आप एकाध महीने के लिए पैसे रखते हैं तो आपको बचत खाता से ज्यादा ब्याज मिल जाता है। इसमें आप एक दिन के लिए भी पैसे जमा कर सकते हैं। जानकार कहते हैं कि जिस तरह का माहौल है, ऐसे में फिलहाल अगले कुछ समय तक शेयर बाजार में सीधे निवेश कर सकते हैं, पर यह तब सही होगा, जब लंबे समय के लिए आपका निवेश हो।

एफडी का दूसरा विकल्प डेट फंड
डेट का लिक्विड फंड एफडी का ही दूसरा विकल्प है। पर इसमें एक अंतर है कि यह हमेशा फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न देता है। उदाहरण के लिए 45 से 180 दिन की एफडी पर 4 से 4.5 फीसदी ब्याज मिलता है। जबकि डेट फंड के अल्ट्रा में 5 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न है। 180 से 365 दिन के मनी मार्केट में 5.5 फीसदी का रिटर्न मिलता है। बैंक एफडी 4.5 से 5 फीसदी तक का ब्याज देता है। 3-5 साल के एफडी पर 5.50 फीसदी ब्याज है, जबकि टार्गेट फंड में इसी समय में 7.30 फीसदी का रिटर्न मिलता है। 

ब्याज दरों के बढ़ने पर डेट फंड बेहतर
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि जब ब्याज दरें ऊपर जा रही हों तो डेट फंड सबसे बेहतर विकल्प होता है। इसमें आप लंबे समय तक के लिए निवेश कर सकते हैं। लंबे समय में एफडी की तुलना में 4 फीसदी तक ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना बनी रहती है। -विजय मंत्री, सीए

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें