दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद उथल-पुथल मची है। अमेरिकी सेना वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लेकर आ गई। मादुरो नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी सहित विभिन्न आरोपों का सामना करेंगे। इस घटनाक्रम पर भारत सरकार ने बयान जारी कर चिंता जताई है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संघर्ष का भारत के व्यापार पर क्या असर होगा? इसके बारे में आकलन ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने किया है।
भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं: GTRI
भारत स्थित थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने दावा किया है कि वेनेजुएला में चल रहे संकट का भारत की अर्थव्यवस्था या ऊर्जा पर कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। जीटीआरआई ने रविवार (4 जनवरी) को बताया कि अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष का दक्षिण अमेरिकी देश के साथ भारत के व्यापार पर नगण्य प्रभाव पड़ेगा।
जीटीआरआई के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, 'भारत पर इसका नगण्य प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला के साथ व्यापार लगभग खत्म हो गया है, FY2025 में कच्चे तेल का आयात 81.3 प्रतिशत कम हो गया है और कुल द्विपक्षीय व्यापार बहुत कम रह गया है।'
2019 से द्विपक्षीय संबंध काफी कमजोर
उन्होंने कहा कि भारत के लिए, वेनेजुएला में अशांति का कोई खास आर्थिक या ऊर्जा प्रभाव होने की संभावना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि भारत 2000 और 2010 के दशक में वेनेजुएला के कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार था, लेकिन 2019 से अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण द्विपक्षीय संबंध काफी कमजोर हो गए हैं, जिसने भारत को तेल आयात में कटौती करने और माध्यमिक प्रतिबंध से बचने के लिए व्यावसायिक गतिविधियों को कम करने के लिए मजबूर किया।
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नतीजतन, श्रीवास्तव ने कहा कि वेनेजुएला के साथ भारत का व्यापार अब छोटा और घट रहा है। FY2025 में वेनेजुएला से भारत का कुल आयात सिर्फ USD 364.5 मिलियन था, जिसमें से कच्चे तेल का हिस्सा USD 255.3 मिलियन था, जो FY2024 में USD 1.4 बिलियन के कच्चे तेल के आयात से 81.3 प्रतिशत कम है। वेनेजुएला को भारत का निर्यात USD 95.3 मिलियन था, जिसमें USD 41.4 मिलियन के फार्मास्यूटिकल्स शामिल थे।
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दुनिया का 18 फीसदी तेल भंडार वेनेजुएला के पास
उन्होंने कहा, "कम व्यापार मात्रा, मौजूदा प्रतिबंधों की बाधाओं और बड़ी भौगोलिक दूरी को देखते हुए, वेनेजुएला में मौजूदा घटनाक्रम का भारत की अर्थव्यवस्था या ऊर्जा सुरक्षा पर कोई खास प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।" बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया के तेल भंडार का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा है, जो सऊदी अरब (लगभग 16 प्रतिशत), रूस (लगभग 5-6 प्रतिशत), या संयुक्त राज्य अमेरिका (लगभग 4 प्रतिशत) से अधिक है।
अमेरिका और वेनेजुएला के संघर्ष से जुड़ा वीडियो