खरीफ फसलों की बुवाई पर कोरोना वायरस महामारी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कृषि मंत्रालय ने जानकारी दी है कि चालू सत्र में धान और अन्य फसलों का कुल रकबा अब तक 21.20 फीसदी बढ़कर 691.86 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
123 जलाशयों में जल स्तर अच्छी स्थिति में
बुवाई के ताजा आंकड़ों में कहा गया है कि देश में अब तक अच्छी बारिश हुई है और 123 जलाशयों में जल स्तर अच्छी स्थिति में है। खरीफ फसलों की बुवाई जून महीने से दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ होती है, जबकि कटाई अक्तूबर से शुरू होती है। बाजरे, अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन के अलावा धान मुख्य खरीफ फसल है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
मंत्रालय ने कहा कि, '17 जुलाई की स्थिति के अनुसार, कुल खरीफ फसलों की 691.86 लाख हेक्टेयर रकबे में बुवाई की गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 570.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई थी। इस प्रकार बुवाई के रकबे में 21.20 फीसदी की वृद्धि हुई है। खरीफ फसलों में धान बुवाई का रकबा 17 जुलाई को 18.59 फीसदी बढ़कर 168.47 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 142.06 लाख हेक्टेयर था।'
तिलहन-दलहन फसलों की रुपाई में वृद्धि
चालू खरीफ सत्र के दौरान तिलहन और दलहन फसलों की रुपाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दलहन बुवाई का रकबा 32.35 फीसदी बढ़कर 81.66 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 61.70 लाख हेक्टेयर था। जबकि तिलहन फसलों का रकबा 40.75 फीसदी बढ़कर 154.95 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो कि पिछले साल इसी अवधि में 110.09 लाख हेक्टेयर रहा था।
मोटे अनाजों का रकबा अब तक 12.23 फीसदी बढ़कर 115.60 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो एक साल पहले 103 लाख हेक्टेयर था। नकदी फसलों के बीच कपास का रकबा पहले के 96.35 लाख हेक्टेयर से 17.28 फीसदी बढ़कर 113.01 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि उक्त अवधि में गन्ना खेती का रकबा पहले के 50.82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 51.28 लाख हेक्टेयर हो गया है।
इतना रहा जल स्तर
मंत्रालय के अनुसार, 16 जुलाई तक देश में 308.4 मिमी की सामान्य के मुकाबले 338.3 मिमी की अच्छी बारिश हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 123 जलाशयों में जल स्तर पिछले वर्ष का 150 फीसदी था और पिछले दस वर्षों के औसत का 133 फीसदी तक है।