देश में चीन और वियतनाम से आने वाली बैट्रियों पर एंटी डंपिंग शुल्क लगाए जाने की संभावना नहीं है। इसका कारण है कि वाणिज्य मंत्रालय अपनी जांच में इस नतीजे पर पहुंचा है कि इन आयातों से देश के घरेलू उद्योग को कोई खास हानि नहीं हुई है। अंतिम निष्कर्षों में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ एंटी डंपिंग एंड अलाइड ड्यूटीज (डीजीएडी) ने सिफारिश की कि दोनों देशों से बैट्री आयात पर शुल्क लगाने की जरूरत नहीं है।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन ड्राई सेल मैन्यूफैक्चरर्स ने चीन और वियतनाम से ‘एए ड्राई सेल बैट्रीज’ के आयात पर डंपिंग जांच के लिए याचिका दायर की थी। डीजीएडी ने अधिसूचना में कहा कि एंटी डंपिंग नियमों के संदर्भ में डंपिंग व उससे घरेलू उद्योग को होने वाले नुकसान को लेकर जांच करने के बाद प्राधिकरण का विचार है कि इन आयातों से घरेलू उद्योग को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।
निष्कर्ष निकला कि घरेलू उद्योग को बड़ा फायदा हुआ है। लेकिन साथ ही घरेलू उद्योग की बाजार हिस्सेदारी में मामूली गिरावट आई है। कहा गया कि हालांकि जांच की अवधि (अप्रैल 2014-मार्च 2015) के दौरान लागत से कम कीमतों पर भारतीय बाजार में उल्लेखनीय मात्रा में आयात हुआ लेकिन इससे घरेलू उद्योग प्रभावित नहीं हुआ। डीजीएडी की सिफारिशों पर अंतिम विचार वित्त मंत्रालय करेगा।
क्यों होती है एंटी डंपिंग जांच
देश एंटी डंपिंग जांच इसलिए शुरू की जाती हैं ताकि पता चल सके कि सस्ते आयातों के बढ़ने से घरेलू उद्योग को नुकसान तो नहीं हो रहा है। नुकसान होने की स्थिति में बहुपक्षीय डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) व्यवस्था के तहत शुल्क लगाया जाता है।