बैंकों के पास पूंजी की फिलहाल कोई समस्या नहीं है और वो किसी भी व्यक्ति या फिर संस्था को लोन देने के लिए तैयार हैं। फिलहाल देश के 400 जिलों में सभी निजी ,सरकारी बैंक व एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां नवरात्र के दौरान लोन शिविर का आयोजन करेंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए इस बात की घोषणा की है। सीतारमण ने आर्थिक सुस्ती बढ़ने की चर्चा के बीच बृहस्पतिवार को कहा कि स्थिति सुधर रही है। चीजें आगे बढ़ रही हैं। त्योहारी मौसम में खपत बढ़ने के साथ दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
सीतारमण ने निजी क्षेत्र के बैंकरों, वित्तीय संस्थानों के साथ यहां हुई बैठक के बाद कहा, "मैंने किसी से नकदी की समस्या होने के बारे में नहीं सुना है।" अर्थव्यवस्था में सुस्ती के लिये बाजार में नकदी की तंगी को बड़ी अड़चन माना जा रहा है।
चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा कार्यक्रम
250 जिलों में पहले चरण का संपर्क अभियान तीन से सात अक्टूबर तक होगा। वित्त सचिव ने कहा कि पूंजी उपलब्धता की कोई दिक्कत नहीं है। सस्ते मकानों की योजना के लिए लोन की अच्छी मांग है। बैंकरों ने इसकी सीमा 45 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की मांग की है। वित्त मंत्री ने निजी क्षेत्र के बैंकरों के हवाले से कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में गिरावट चक्रीय है। धारणा की वजह से यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है।
पीएमसी बैंक संकट पर आरबीआई की नजर
पीएमसी बैंक में जारी संकट पर वित्त मंत्री ने कहा कि आरबीआई अपनी तरफ से निगाह रखे हुए है। सरकार इस मामले पर अपनी निगाह रखे हुए है। लोगों को हो रही समस्या का समाधान करने पर काम किया जाएगा।