देश में वाहनों की बिक्री में लगातार तेजी बनी हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में सभी श्रेणी में कुल वाहनों की बिक्री 2.12 करोड़ रही जो उसके पहले के साल में 1.76 करोड़ रही थी। इसमें 20.36% की वृद्धि रही है। चिप की कमी की समस्या सुलझने और एसयूवी की मांग बढ़ने से यात्री वाहनों की घरेलू बाजार में बिक्री 26.7 फीसदी बढ़कर 38,90,114 इकाई रही, जबकि 2021-22 में यह 30,69,523 इकाई थी। 2018-19 में 33.77 लाख यात्री वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री हुई थी।
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने बताया कि इस साल में ईंधन उत्सर्जन के नियमों के लागू होने और त्योहारी मौसम में मांग से गाड़ियों की बिक्री में तेजी बनी रही। दोपहिया वाहनों की बिक्री में 16.9 फीसदी की तेजी रही। इसकी बिक्री 2022-23 में 1.58 करोड़ रही जो 2021-22 में 1.35 करोड़ रही थी।
मार्च में 2.92 लाख थोक यात्री वाहन बिके
वाहनों की थोक बिक्री मार्च में 2,92,030 यूनिट पर पहुंच गई है। उसके पहले के साल में यह 2,79,525 इकाई थी। दोपहिया वाहनों की बिक्री बढ़कर 12.90 लाख रही। एक साल पहले 11.98 लाख थी। पिछले माह वाहनों की थोक बिक्री 16,37,048 इकाई रही, मार्च, 2022 में 15,10,534 वाहन बिके थे।
यूटिलिटी की ज्यादा मांग
वित्त वर्ष 2023 में यूटिलिटी वाहनों की 20,03,718 इकाई की बिक्री हुई जो एक साल पहले 14,89,219 यूनिट थी। इसमें 34.55% की वृद्धि हुई है। यात्री वाहनों में इसकी हिस्सेदारी 51.5% रही है। व्यावसायिक वाहनों की कुल 9,62,468 इकाई बिकी।
इनमें आई गिरावट
छोटी कारों की बिक्री 57% गिरी है जो वित्त वर्ष 2017 में अपने शीर्ष पर रही थी। एंट्री लेवल स्कूटर की बिक्री 27% गिरी है। एंट्री लेवल मोटर साइकिल की बिक्री 38 फीसदी घटी है। 2018-19 में इसकी रिकॉर्ड बिक्री हुई थी।
श्रम बाजार में तीन तिमाही में 1.12 करोड़ को रोजगार
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) ने कहा कि भारत के श्रम बाजार में पिछले साल जुलाई से रोजगार में वृद्धि देखी गई है। पिछली तीन तिमाहियों में 1.5 करोड़ लोगों ने रोजगार तलाश किया, जिनमें से 75% या 1.12 करोड़ से अधिक ने रोजगार प्राप्त किया। यह संकेत देता है कि काम करने के इच्छुक अधिक लोग रोजगार पाने में सक्षम हैं। दिसंबर, 2022 तिमाही में रोजगार 40.4 करोड़ से बढ़कर मार्च, 2023 तिमाही में 41.1 करोड़ हो गया। इससे मार्च 2023 की तिमाही में रोजगार दर बढ़कर 36.9% हो गई, जो दिसंबर 2022 की तिमाही में 36.6% थी।