मजबूत मांग के दम पर देश की सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अक्तूबर में तेजी देखने को मिली। नई भर्तियां बढ़ने और नए कारोबार में मजबूत मुनाफे से भी सेवा क्षेत्र को समर्थन मिला। इससे एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अक्तूबर में बढ़कर 55.1 पर पहुंच गया। यह अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि का संकेत है।
इससे पहले सितंबर में सेवा पीएमआई घटकर 54.3 पर आ गया था, जो छह महीने का निचला स्तर था। खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) का 50 से अधिक रहना विस्तार और इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन दिखाता है। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की संयुक्त निदेशक (अर्थशास्त्र) पॉलियाना डी लीमा ने कहा, अक्तूबर में लगातार 15वें महीने सेवा क्षेत्र की गतिविधि में विस्तार देखा गया।
ताजा आंकड़े बताते हैं कि दाम बढ़ाने के बावजूद सेवा प्रदाताओं को नया काम मिलने में कोई परेशानी नहीं हुई। यह क्षेत्र अंदर से मजबूत बना रहा क्योंकि कारोबारी गतिविधि और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कदम उठाए गए थे।
घरेलू बाजार मजबूत लाभ के मुख्य स्रोत
नए कारोबारों में लाभ का मुख्य स्रोत घरेलू बाजार रहा, जबकि विदेशी बिक्री तीसरी तिमाही की शुरुआत में और घट गई। मार्च, 2020 में कोविड-19 का प्रकोप शुरू होने के बाद से वैश्विक मांग में मासिक कमी देखी जा रही है।
रोजगार : 5वें माह भी बढ़ा
लीमा ने कहा, सेवा अर्थव्यवस्था में नए कारोबारों में वृद्धि जारी रहने और उत्पादन की आवश्यकताओं ने रोजगार सृजन को समर्थन दिया है। लगातार 5वें महीने रोजगार में वृद्धि हुई है। यह पिछले तीन साल से दूसरी सबसे अधिक बढ़ोतरी है। अक्तूबर में वृद्धि के सकारात्मक अनुमानों की वजह से भी रोजगार सृजन को बढ़ावा मिला।
महंगाई ने बढ़ाए खर्चे
कंपनियों ने कहा, खाद्य, ईंधन और खुदरा वस्तुओं की ऊंची कीमतों ने अक्तूबर में खर्चे बढ़ा दिए। ग्राहकों पर भी इस अतिरिक्त लागत का बोझ पड़ा।