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अमेरिका के आरोप गलत: आरबीआई नहीं जमा कर रहा विदेशी मुद्रा

Wed, 21 Apr 2021 07:52 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

  • भारत ने मुद्रा जोड़तोड़ के लिए निगरानी सूची में डालने का विरोध किया
  • 581 अरब डॉलर है अभी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 
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RBI - फोटो : social media
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विस्तार
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भारत ने मुद्रा जोड़तोड़ के अमेरिकी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा की जमाखोरी नहीं कर रहा। भारत को निगरानी सूची में डालना गलत कदम है। विदेशी विनिमय बाजार मेें आरबीआई की गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हैं और सिर्फ जरूरी कदम ही उठाए जा रहे हैं। 

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वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने कहा, महामारी शुरू होने के बाद से यह दूसरी बार है जब अमेरिकी वित्त विभाग ने भारत को मुद्रा जोड़तोड़ की निगरानी सूची में डाला है। आरबीआई ने जीडीपी के 5 फीसदी तक डॉलर की खरीद की है, जो 2 फीसदी के दायरे तक सीमित है।

हालांकि, इसका पर्याप्त कारण है और जमाखोरी इसका मकसद बिलकुल नहीं है। भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार अभी 500-600 अरब डॉलर के बीच है, जो पूरी तरह नियमों के अनुकूल है। हम चीन की तरह विदेशी मुद्रा की जमाखोरी नहीं कर रहे हैं।
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वधावन ने कहा, आरबीआई का कदम पूरी तरह बाजार परिचालन के अनुरूप है। केंद्रीय बैंक होने के नाते यह उसकी नैतिक जिम्मेदारी है कि अपनी मुद्रा को स्थिरता प्रदान करे। 

हमें निगरानी सूची में डालने का कोई तर्क नहीं : वधावन
वाणिज्य सचिव ने कहा कि अमेरिका के पास भारत को निगरानी सूची में डालने का कोई ठोस तर्क नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा की खरीद-फरोख्त बेहद जिम्मेदारी से कर रहा है। अमेरिका के वित्त विभाग ने सोमवार को भारत के अलावा थाईलैंड, मैक्सिको सहित 10 देशों को मुद्रा जोड़तोड़ की निगरानी सूची में डाल दिया है।

2022 में गिरावट से उबर जाएगा निर्यात क्षेत्र : सचिव
वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने भरोसा जताया है कि वित्तवर्ष 2021-22 में भारत का निर्यात क्षेत्र गिरावट से उबर जाएगा। पिछले साल निर्यात में बड़ी गिरावट आई थी, जिसका असर पूरे वित्तवर्ष में दिखा।

हालांकि, मार्च में निर्यात 60.29 फीसदी बढ़कर 34.45 अरब डॉलर पहुंच गया। लिहाजा चालू वित्तवर्ष के दौरान इसमें वृद्धि की पूरी उम्मीद है। बीते साल निर्यात में 7.26 फीसदी गिरावट आई थी। अब कारपेट, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पादों, चावल, मसाले और दवा-रसायन में तेज सुधार दिख रहा है।

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