मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश का सिलसिला पिछले 58 दिनों से जारी है। 11 निवेशों के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 24.70% इक्विटी के लिए 1,15,693.95 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। गुरूवार को PIF ने 2.32% इक्विटी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 11,367 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की।
जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश 22 अप्रैल को फेसबुक से शुरू हुआ था, उसके बाद सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला और सिल्वर लेक ने अतिरिक्त निवेश किया था। उसके बाद अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ( ADIA), TPG और एल कैटरटन ने भी निवेश की घोषणा की थी।
सऊदी अरब का वेल्थ फंड पीआईएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अपना आज तक का सबसे बड़ा निवेश किया है। यह निवेश पीआईएफ की रणनीति और कंपनियों में निवेश के अनुरूप है जो उनके विजन 2030 के तहत निवेश कर रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक श्री मुकेश अंबानी ने कहा कि, “हमने कई दशकों तक सऊदी अरब के साथ अपने बेहतर और फलदायी संबंधों का आनंद उठाया है। PIF के Jio प्लेटफॉर्म्स में निवेश से स्पष्ट है कि तेल अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर यह संबंध अब भारत के न्यू ऑयल यानी डेटा-अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सऊदी अरब साम्राज्य में आर्थिक परिवर्तन के लिए पीआईएफ की भूमिका की मैं प्रशंसा करता हूं।
पीआईएफ के गवर्नर महामहिम यासिर अल-रुम्यायन ने टिप्पणी की: “हमें एक इनोवेटिव व्यवसाय में निवेश करने की खुशी है, जो भारत में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के परिवर्तन में सबसे आगे है। हम मानते हैं कि भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था की क्षमता बहुत अधिक है और Jio Platforms हमें उस विकास तक पहुँचने का एक शानदार अवसर प्रदान करेगा।”
जियो एक ऐसे “डिजिटल भारत” का निर्माण करना चाहता है जिसका फ़ायदा 130 करोड़ भारतीयों और व्यवसायों को मिले। एक ऐसा “डिजिटल भारत” जिससे ख़ास तौर पर देश के छोटे व्यापारियों, माइक्रो व्यवसायिओं और किसानों के हाथ मज़बूत हों। जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति लाने और भारत को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल ताकतों के बीच अहम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।