आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से उसकी राह में एक नया रोड़ा खड़ा हो गया है। हैरानी की बात यह है कि यह अड़चन कोई स्मार्ट एल्गोरिदम की कमी या कंप्यूटर चिप्स की किल्लत नहीं है। एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने चेतावनी दी है कि अब एआई की रफ्तार एल्गोरिदम से नहीं, बल्कि जमीन, बिजली और विशाल डेटा सेंटरों जैसे बुनियादी भौतिक संसाधनों की उपलब्धता से तय होगी। उन्होंने 'एआई फैक्ट्रियों' को इस नए युग का सबसे महत्वपूर्ण ढांचा बताया है, जहां कंप्यूटिंग तकनीक बिजली और डेटा को व्यावसायिक बुद्धिमत्ता (इंटेलीजेंस) में बदल देती है।
एआई के विकास के अगले चरण में भौतिक बुनियादी ढांचे (फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। जेन्सन हुआंग के अनुसार, अग्रणी एआई लैबोरेट्रीज की कंप्यूटिंग क्षमता की मांग उनकी बुनियादी ढांचा जुटाने की स्वतंत्र क्षमता से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। अब कंपनियों का विस्तार इस बात पर निर्भर करेगा कि वे कितनी जल्दी एआई फैक्ट्रियों के लिए उपयुक्त जमीन, बिजली और डेटा सेंटर शेल्स (एलपीएस) हासिल कर पाती हैं। यह स्थिति एआई को पूरी तरह से एक इन्फ्रास्ट्रक्चर-गहन उद्योग बना रही है, जहां सेमीकंडक्टर्स के साथ-साथ बिजली और जमीन रणनीतिक संसाधन बन चुके हैं।
बुनियादी ढांचे की इसी कमी को दूर करने के लिए एनवीडिया ने जमीन और बिजली के सौदों में सीधे उतरने की अनोखी रणनीति अपनाई है। कंपनी ने पोर्ट्समाउथ, ओहायो में 'पोर्ट्स-पाइक टेक्नोलॉजी कैंपस' में जमीन, बिजली और शेल क्षमता को सुरक्षित करने के लिए 'एसबी एनर्जी' के साथ एक बड़ा समझौता किया है।