मूडीज ने ‘एपीएसी आउटलुक : यूएस वर्सेज देम’ रिपोर्ट में कहा, भारत पर 26 फीसदी अमेरिकी टैरिफ से रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण और कपड़ा उद्योग सबसे बुरी तरह प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों की अमेरिका को होने वाले निर्यात में अधिक हिस्सेदारी है।
अमेरिका के जवाबी टैरिफ से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मूडीज एनालिटिक्स ने 2025 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को 0.3 फीसदी घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। मार्च में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान जताया था। वित्तीय सेवा कंपनी ने बृहस्पतिवार को कहा, अमेरिका भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। इसलिए, भारतीय वस्तुओं के आयात पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने से व्यापार संतुलन पर भारी असर पड़ेगा। हालांकि, 2025-26 के बजट में घोषित टैक्स प्रोत्साहन उपायों से घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और इससे अन्य कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में समग्र वृद्धि पर टैरिफ के झटके को कम करने में मदद मिलेगी।
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रेपो दर में फिर होगी 0.25 फीसदी कटौती
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में सकल महंगाई में अच्छी रफ्तार से कमी आ रही है। इससे आरबीआई को उदार रुख कायम रखने में मदद मिलेगी। मूडीज ने ब्याज दरों के मोर्चे पर कहा, हमें उम्मीद है कि आरबीआई रेपो रेट में एक बार फिर 0.25 फीसदी की कटौती करेगा। इससे साल के अंत तक प्रमुख नीतिगत दर घटकर 5.75 फीसदी रह जाएगी।
रत्न-आभूषण उद्योग पर सर्वाधिक असर
मूडीज ने ‘एपीएसी आउटलुक : यूएस वर्सेज देम’ रिपोर्ट में कहा, भारत पर 26 फीसदी अमेरिकी टैरिफ से रत्न एवं आभूषण, चिकित्सा उपकरण और कपड़ा उद्योग सबसे बुरी तरह प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों की अमेरिका को होने वाले निर्यात में अधिक हिस्सेदारी है। फिर भी, हम उम्मीद करते हैं कि समग्र वृद्धि इस झटके से अपेक्षाकृत अछूती रहेगी क्योंकि बाहरी मांग जीडीपी का काफी छोटा हिस्सा है।