देश भर के कर व कानूनी सलाहकारों ने सरकार से मांग की है कि वो जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को चार माह के लिए बढ़ा दें। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने जीएसटी कानून में कई सारे संशोधन और नोटिफिकेशन जारी किए हैं।
टैक्स बार एसोसिएशन के अधिकारियों ने कहा है कि सरकार ने जीएसटी से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है। इससे 2017-18 का रिटर्न दाखिल करना काफी जाटिल हो गया है। टैक्स बार एसोसिएशन से देश भर के करीब 400 सदस्य जुड़े हैं, जिनमें से ज्यादातर लोग सीए, सीएस, कर सलाहकार या फिर इससे जुड़े वकील हैं।
सिंघानिया ने कहा कि जीएसटी को जुलाई 2017 से लागू किया गया था। इसके बाद से अभी तक सरकार 200 कर दर की नोटिफिकेशन, 100 सर्कुलर, 20 आदेश, 125 से ज्यादा प्रेस रिलीज और 50 सबसे ज्याद पूछे जाने वाले सवालों की सीरिज जारी कर चुकी है।
इस माह अलग-अलग श्रेणी के कारोबारियों को छह तरह के रिटर्न भरने हैं, जिनमें से हर व्यापारी को कम से कम तीन तरह के जीएसटी रिटर्न तो भरने ही हैं, लेकिन सबसे ज्यादा पसीना सालाना रिटर्न की सूचनाएं एकत्रित करने में आ रहा है। सालाना रिटर्न यानी जीएसटीआर 9 में एक जुलाई 2017 से मार्च 2018 के दौरान हुए कारोबार की तमाम तरह की सूचनाएं देनी हैं। इस रिटर्न की अंतिम तारीख 30 जून है।
केंद्र सरकार ने जीएसटी के सालाना रिटर्न जीएसटीआर-9 की अंतिम तारीख 30 जून से बढ़ाने का मसौदा तैयार कर लिया है। इस पर जीएसटी काउंसिल की 21 जून को होने वाली बैठक में फैसला होना संभव है। बड़े कारोबारियों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई, मध्यम के लिए 31 अगस्त और छोटे कारोबारियों के लिए अंतिम तारीख 30 सितंबर की जाएगी।