घरेलू स्टील सेक्टर में एकीकरण प्रक्रिया को मंगलवार को उस समय बड़ी गति मिली जब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने दो महत्वपूर्ण सौदों को मंजूरी दे दी। फेयर ट्रेड रेगुलेटर ने टाटा स्टील की ओर से ओडिशा स्थित त्रिवेणी पेलेट्स में बहुमत हिस्सेदारी के अधिग्रहण को हरी झंडी दिखा दी है। इसके साथ ही, आयोग ने जेएसडब्ल्यू समूह की कंपनियों और जापान की जेएफई स्टील कॉरपोरेशन से जुड़े एक अन्य बड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
आइए इससे जुड़ी अहम बातों के बारे में जानें-
- टाटा स्टील और त्रिवेणी पेलेट्स डील: ₹636 करोड़ का सौदा सीसीआई ने टाटा स्टील के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत कंपनी त्रिवेणी पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड (TPPL) में 50.01% इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।
- सौदे की पृष्ठभूमि: टाटा स्टील ने पिछले साल दिसंबर में घोषणा की थी कि उसने 636 करोड़ रुपये में त्रिवेणी पेलेट्स में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए त्रिवेणी अर्थमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है।
- कारोबार पर असर: टाटा स्टील एकीकृत स्टील विनिर्माण में शामिल है, जो माइनिंग से लेकर स्टील मेकिंग और आगे की प्रोसेसिंग तक फैला हुआ है। कंपनी पहले से ही लौह अयस्क की माइनिंग और पेलेट्स के उत्पादन में सक्रिय है।
- टारगेट कंपनी: त्रिवेणी पेलेट्स देश में लौह अयस्क पेलेट्स की बिक्री करती है। इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, 'ब्रह्मिणी रिवर पेलेट्स लिमिटेड' भी भारत में पेलेट्स के उत्पादन और बिक्री में लगी हुई है। इस अधिग्रहण से टाटा स्टील की बैकवर्ड इंटीग्रेशन क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सीसीआई ने भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल), जेएसडब्ल्यू संबलपुर स्टील लिमिटेड, जापान की जेएफई स्टील कॉरपोरेशन और जेएसडब्ल्यू कलिंगा स्टील लिमिटेड के बीच प्रस्तावित कॉम्बिनेशन को भी मंजूरी दी है। आइए इस बारे में जानें-
- कंपनियों का ढांचा: बीपीएसएल, जो फिनिश्ड स्टील प्रोडक्ट्स की प्रोसेसिंग और एकीकृत विनिर्माण में शामिल है, वर्तमान में जेएसडब्ल्यू स्टील की अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी है।
- जापानी भागीदारी: इस सौदे में शामिल JFE स्टील कॉरपोरेशन, JFE ग्रुप का हिस्सा है, जो स्टील, इंजीनियरिंग और ट्रेडिंग बिजनेस में सक्रिय है।
- नया ढांचा: सौदे के तहत, जेएसडब्ल्यू कलिंगा की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जेएसडब्ल्यू संबलपुर' प्रस्तावित लेनदेन के पूरा होने के बाद टारगेट बिजनेस का स्वामित्व हासिल करेगी। गौरतलब है कि जेएसडब्ल्यू कलिंगा और जेएसडब्ल्यू संबलपुर ने अभी तक अपना वाणिज्यिक परिचालन शुरू नहीं किया है।