टाटा समूह ने एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया की घर वापसी के बाद अब इसके कायापलट की तैयारी शुरू कर दी है। इसे अंजाम देने के लिए समूह ने 100 दिन की कार्ययोजना बनाई है। यानी अब 100 दिनों के भीतर नए बदलावों के साथ दिखाई देने वाली यह विमानन कंपनी। गौरतलब है कि टाटा समूह ने भारी कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया को हाल में खरीदा था और वह जनवरी 2022 में इसकी कमान अपने हाथों में ले सकता है।
सीईओ के नाम पर जल्द लगेगी मुहर
रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया के कायापलट के लिए 100 दिन की जो योजना तैयार की है, उसकी शुरुआत एयर इंडिया के सीईओ के नाम को फाइनल करने की तैयारी के साथ शुरू हो चुकी है। इसमें कहा गया है कि टाटा समूह ने सीईओ के लिए विचार-विमर्श को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके तहत अमेरिका की डेल्टा एयरलाइन के पूर्व निदेशक फ्रेड रीड का नाम सबसे आगे चल रहा है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले रीड सिविल एविएशन इंडस्ट्री के दिग्गज हैं।
यह है टाटा की 100 दिन की योजना
100 दिन की कार्ययोजना के तहत एयर इंडिया की ऑन-टाइम परफॉरमेंस में सुधार के साथ यात्रियों और कॉल सेंटरों से जुड़ी शिकायतों को सुलझाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसका मकसद, विमानन कंपनी की मूल सेवा में जुड़े मानकों के सुधार करना है। जानकारों का कहना है कि जनवरी 2022 से टाटा के बही-खातों को दुरुस्त किया जाएगा, जिसमें उड़ान व रखरखाव पर होने वाला खर्च, कर्मचारियों का वेतन, भत्ता, भुगतान आदि के साथ विमानों की मरम्मत और गुणवत्ता नियंत्रण खर्च शामिल है।
टाटा कंपनी ने टिप्पणी से किया इनकार
टाटा समूह की ओर से हालांकि, इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी से इनकार कर दिया गया। कंपनी ने एक ईमेल के जवाब में कहा कि अभी एयर इंडिया शेयर-खरीद लेन-देन चल रहा है। हम इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं। जब तक सौदा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक हम एयरलाइन से जुड़े किसी भी मामले पर टिप्प्णी करने से बचेंगे। ं