संसद के चालू शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो कुछ ही देर बार आईपीओ में निवेश को लेकर भी सवाल उठाए गए। इस दौरान आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में संभावित नुकसान और निवेशकों की सुरक्षा के उपाय के बारे में पूछा गया। इसका जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आईपीओ में निवेशकों की खासी रुचि है और इसके संभावित नुकसानों पर भी हमारी नजर है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक (सेबी) इस तरह से सभी मामलों की गहनता से निगरानी कर रहा है।
61 कंपनियों ने जुटाए 52,759 करोड़ रुपये
लोकसभा में सोमवार को सरकार की ओर से बताया गया कि इस वित्त वर्ष में अक्तूबर तक 61 कंपनियों ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पेशकश के जरिये कुल 52,759 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह रकम पिछले वित्त वर्ष में आईपीओ से जुटाए गए धन से अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में 56 कंपनियों ने आईपीओ से 31,060 करोड़ रुपये जुटाए थे।
लिस्टिंग के लिए बढ़ रहीं कंपनियां
बाजार नियामक सेबी के डाटा के आधार पर जानकारी देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अक्तूबर तक बाजार में आने वाली 61 कंपनियों में से 34 कंपनियां एमएसएमई थीं। वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की कंपनियां लिस्टिंग के लिए आ रही हैं। जबकि पिछले वर्ष आए 56 आईपीओ में से 27 कंपनियां एमएसएमई थीं।