फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय रेलवे की निजी यात्री ट्रेनों के क्षेत्र में उतरना चाहता है टाटा समूह

Sun, 02 Feb 2020 04:12 AM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
रतन टाटा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

टाटा समूह ने भारत सरकार की 150 ट्रेनों को निजी क्षेत्र से टलाने की महत्वाकांक्षी योजना में रुचि दिखाई है। इस योजना का उल्लेख शनिवार को प्रस्तुत किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। टाटा समूह के प्रतिनिधियों ने शनिवार को हुई हितधारकों की बैठक में भाग लिया। 

विज्ञापन


इस बैठक में भारतीय रेलवे के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि किस तरह से अब तक प्रतिबंधित रहे क्षेत्र में निजी कंपनियां किस तरह उतर सकती हैं। इस बैठक में अडानी, एलस्टॉम, सीमेन्स, बॉम्बार्डियर और अन्य कंपनियां भी मौजूद थीं।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने कहा, टाटा समूह उन कंपनियों में से एक है जिन्होंने हितधारकों की बैठक में भाग लिया।' बजट में घोषणा की गई कि तेजस एक्सप्रेस जैसी निजी ट्रेनों को और नए मार्गों पर चलाया जाएगा। 
विज्ञापन


निजी क्षेत्र को रेलवे में सम्मिलित करने से सरकार को कम से कम 22500 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। वहीं, भारतीय रेलवे 150 ट्रेनों का संचालन करने वाले निजी क्षेत्र से 100 भारी यातायात मार्गों को पट्टे पर देकर लाइसेंस और ढुलाई शुल्क के माध्यम से पैसा कमाने की उम्मीद कर रहा है।

वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तुत करने के दौरान यह योजना सामने रखी। उन्होंने कहा, चार रेलवे स्टेशन पुनर्विकास और 150 ट्रेनों का संचालन पीपीपी मोड (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप) से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी को आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें