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काम की बात: निवेश के तरीके बदलकर उठाएं बाजार में गिरावट का फायदा, जोखिम से बचने के लिए जल्दबाजी में न बेचें शेयर

Mon, 23 May 2022 04:01 AM IST
देव कश्यप अजीत सिंह, नई दिल्ली

सार

कोरोना महामारी के पिछले दो वर्षों में बाजार में नए निवेशकों ने जमकर निवेश किया। हालांकि, यह ऐसा दौर था, जिसमें हर किसी को फायदा हुआ। इसके बावजूद काफी सारे लोग इसका फायदा उठाने में चूक गए। वर्तमान में बाजार फिर लगभग उसी दौर में पहुंच गया है। ऐसे में निवेश का पूरा गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट...
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शेयर बाजार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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अगर आप शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो आपको निवेश की पद्धति बदलने की जरूरत है। इसका मतलब कि डर और लालच से दूर रहिए। दरअसल, जब भी बाजार तेजी में होता है और निवेशक फायदा कमाते हैं तो उस समय वे उस फायदे को भुनाने की बजाय और ज्यादा लालच में आ जाते हैं। परिणाम यह होता है कि बाद में यही लालच आपके फायदे को डुबा देता है।

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दूसरी ओर, जब बाजार में भारी गिरावट आती है तो निवेशक अपने निवेश को डर के कारण घाटे में बेच देते हैं। हालांकि, यही वह समय होता है, जब निवेश के जरिये आप अपने पोर्टफोलियो को मजबूत कर सकते हैं और बढ़ा सकते हैं। पर भारत में खुदरा निवेशक ठीक इसके उलट काम करते हैं। वे बाजार की तेजी में खरीदारी करते हैं और गिरावट में बेच देते हैं। अगर आप एक सफल निवेशक बनना चाहते हैं तो आपको यह रवैया बदलना होगा। इसका मतलब है कि गिरावट में खरीदारी करें और तेजी में बेचें।
 

02 महीने में बीएसई सेंसेक्स 12 फीसदी से ज्यादा टूटकर 54,000 पर

एक ही शेयर में न लगाएं सारे पैसे

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निवेशक या तो अपने पोर्टफोलियो में विविधता नहीं रखते या फिर अत्यधिक विविधता कर लेते हैं। जबकि इन दोनों के बीच संतुलन रखना सबसे महत्वपूर्ण है। जैसे मान लीजिए आपके पास दस शेयर हैं और आपने किसी एक या दो सेक्टर के ही सारे शेयर ले रखें हैं। इससे बचना चाहिए। दस में से दो बैंकिंग सेक्टर, दो मेटल सेक्टर, दो फार्मा सेक्टर, दो टेक सेक्टर इस तरह से पोर्टफोलियों में विविधता रखनी चाहिए।

कुछ और समय तक रहेगी उथल-पुथल

  • स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के एमडी सुनील न्याती कहते हैं कि बाजार अक्तूबर, 2021 की तेजी के बाद 13% गिरावट में है। इसे आप मंदड़ियों की गिरफ्त में नहीं कह सकते हैं। ऐसा होता है क्योंकि बाजार महंगा हो गया था।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध, विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने जैसे कई कारण हैं, जिनका असर हम देख रहे हैं। बाजार कुछ और समय तक उतार-चढ़ाव में रह सकता है।


ऑटो व वित्तीय शेयरों में लगा सकते हैं दांव
सुनील का कहना है कि वैश्विक बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार बेहतर स्थिति में हैं। ऐसे में निवेशकों को बेहतर गुणवत्ता वाले शेयरों का चयन करना चाहिए, जो अच्छी कीमत पर हों। इस समय कैपिटल गुड्स, वित्तीय, रक्षा, ऑटो और इन्फ्रा कंपनियों के शेयरों में दांव लगाना फायदेमंद हो सकता है।

अच्छी कंपनियों में निवेश फायदेमंद
ट्रेडिंगो के संस्थापक पार्थ न्याती का कहना है कि निवेशकों को लंबे समय के लिए अच्छी कंपनियों के शेयरों की खरीद-फरोख्त करनी चाहिए और वह भी सोच समझकर। उन्हें जोखिम को भी समझना चाहिए। गिरावट होने पर अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए। हाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बैंकिंग सेक्टर में इस समय पैसा लगा सकते हैं। 

उदाहरण से ऐसे समझें

  • मार्च, 2020 में जब कोरोना की पहली लहर आई और भारत में बड़े पैमाने पर प्रतिबंध शुरू हुआ तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स फरवरी, 2020 में 40,723 से गिरकर मार्च, 2020 में 26 हजार के करीब पहुंच गया। इसका फायदा नए निवेशक के रूप में लोगों ने उठाया।
  • हालांकि, उस समय अगर किसी नौसिखिए ने भी बाजार में पैसा लगाया होगा तो, वह आज 100 फीसदी के मुनाफे पर होगा। लेकिन लालच ने ज्यादातर निवेशकों के इस फायदे पर पानी फेर दिया। यही वह समय होता है, जहां पर आपको चतुराई दिखाने की जरूरत होती है।

भेड़चाल से लग सकती है चपत

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एक सफल निवेशक कभी भी भेड़ की चाल नहीं चलता है। यानी जब किसी एक ही दिशा में सब लोग जा रहे हों तो आप उसकी नकल न करें। इसके बजाय आप अपने विवेक और अध्ययन से ठीक उस दिशा में निवेश करें, जहां पर शेयर या सेक्टर या बाजार आपको सही लगता है। ऐसा 2008 में हो चुका है। बाजार की तेजी में उस समय लोगों ने एक ही दिशा में निवेश किया और बाद में भारी मंदी ने सभी को चपेट में ले लिया।  

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