कोरोना महामारी से भारतीयों का दैनिक जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस दौरान न सिर्फ लोग की कमाई, बचत और निवेश पर असर हुआ, बल्कि महंगाई व जिम्मेदारियों ने वित्तीय चिंता भी बढ़ा दी हैं।
सर्वे में दावा, कोविड-19 की वजह से मेट्रो व छोटे शहर में समान असर
बैंकबाजार डॉट कॉम ने एक अध्ययन में बताया है कि कोविड-19 से मेट्रो व गैर मेट्रो शहरों के लोगों को लगभग सभी मानकों पर समान रूप से नुकसान उठाना पड़ा है।
पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा प्रभावित
पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा प्रभावित हुई है। महज 12 प्रतिशत भारतीयों की कमाई, बचत और निवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। अध्ययन 6 मेट्रो व भी से ज्यादा टियर-2 शहरों के 1,704 पेशेवरों से बातचीत पर आधारित है।
इसमें नौकरी की शुरुआत करने वाले (22-27 साल), मनी मूनर (28-34 साल), (35-45 साल) शामिल है। सर्वे में शामिल अधिकतर का मानना है कि महामारी उनकी बचत को खा गई है।
5 साल पीछे चला गया लक्ष्य
नौकरी की शुरुआत करने वाले 60 प्रतिशत का मानना है कि महामारी ने उनके लक्ष्य को एक से पांच साल पीछे धकेल दिया है। 28 प्रतिशत भारतीयों को नौकरी छूटने के बाद अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कर्ज लेना पड़ा। 23 प्रतिशत को समय बीमा लेने में और 28 प्रतिशत को कर्ज पाने में मुश्किलें आई।