पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी अन्य मंच पर जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान क्यों देना चाहिए? याचिकाकर्ता मनु प्रशांत विग वर्तमान में 2020 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत में है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए दिशानिर्देशों की मांग करने वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया। पीठ ने यह भी कहा कि भले ही याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है लेकिन इसका लक्ष्य संबंधित मामले में याचिकाकर्ता के लिए जमानत सुरक्षित करना प्रतीत होता है।
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सीजेआई ने कहा कि हम इस पर विचार नहीं कर सकते। याचिकाकर्ता कानून के तहत अन्य प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी स्वेच्छा से खरीदी गई थी और इस प्रकार ऐसे लेनदेन के लिए भारतीय दंड संहिता के तहत कोई अपराध नहीं हो सकता है। हालांकि, अदालत ने मामले पर विचार करने से इन्कार कर दिया।
याचिकाकर्ता किसी अन्य मंच पर जा सकता है
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी अन्य मंच पर जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान क्यों देना चाहिए? याचिकाकर्ता मनु प्रशांत विग वर्तमान में 2020 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत में है।
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विग ब्लू फॉक्स मोशन पिक्चर लि. के निदेशकों में से एक हैं। इन पर लोगों को उच्च रिटर्न वाली योजना में पैसा निवेश करने के लिए प्रेरित करने का आरोप है। बाद में 133 निवेशकों ने ईओडब्ल्यू को शिकायत दी कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई और उनका पैसा वापस नहीं किया गया।