फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रेडाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक को नोटिस

Fri, 15 May 2020 06:39 PM IST
श्रीधर मिश्रा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को क्रेडाई की याचिका पर केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक को नोटिस जारी किया। क्रेडाई, रियल इस्टेट के कारोबारियों का संगठन है। क्रेडाई की तरफ से याचिका में पूछा गया था कि क्या रियल इस्टेट कंपनियां रिजर्व बैंक की लोन अदायगी स्थगन की नीति का फायदा उठाने के लिए हकदार हैं या नहीं।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बी आर गवई की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही थी। वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए सुनवाई करते हुए बेंच ने क्रेडाई की याचिका पर रिजर्व बैंक और अन्य से जवाब मांगा।

दरअसल क्रेडाई का आरोप है कि अभी यह साफ नहीं है कि क्या रियल इस्टेट कंपनियां इस नीति का लाभ पाने की योग्य हैं या नहीं।

क्रेडाई की ओर से सीनियर वकील हरीश साल्वे ने बेंच के सामने दलील देते हुए कहा कि रिजर्व बैंक के सर्कुलर और रियल इस्टेट के कारोबारियों पर इसे लागू किए जाने के बारे में स्थिति साफ नहीं है। साल्वे ने कहा कि रिजर्व बैंक का सर्कुलर बैंकों के लिए बाध्यकारी है, लकिन कुछ बैंक लोन टालने की नीति का लाभ रियल इस्टेट कारोबारियों को नहीं दे रहे हैं। साल्वे ने बेंच से कहा कि इस मामले पर रिजर्व बैंक को स्थिति साफ करनी चाहिए।
विज्ञापन


वहीं, इस मामले पर केंद्र और अन्य की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह इस बारे में संबंधित मंत्रालय से आवश्यक निर्देश पाकर कोर्ट को मामले की जानकारी देंगे।

इसके बाद बेंच ने क्रेडाई की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए इसकी सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि एक मार्च से 31 मई के दौरान लोन टालने की नीति संबंधी उसके सर्कुलर पर ईमानदारी से अमल किया जाए। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा लगता है कि बैंक इसका लाभ कर्ज लेने वालों को नहीं दे रहे हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें