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Share Market: भारतीय शेयर बाजार में एफपीआई की जोरदार वापसी, जून में अब तक 8915 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश

Sat, 28 Jun 2025 03:11 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल)  के आंकड़ों के अनुसार इस हफ्ते विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में 13,107.54 करोड़ रुपये डाले हैं।इन नए निवेशों के साथ जून के महीने में कुल शुद्ध निवेश अब 8,915 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में यह बदलाव हाल के दिनों मे अमेरिका, ईरान और इस्राइल के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद आया है।
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भारतीय शेयर बाजार - फोटो : PTI
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विस्तार
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विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजार में भारी निवेश किया है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल)  के आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने 23 जून से 27 जून के सप्ताह के दौरान भारतीय बाजार में 13,107.54 करोड़ रुपये डाले हैं। यह निवेश भारतीय शेयर बाजारों में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। 

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ये भी पढ़ें: GDP: भारत की जीडीपी में निजी खपत दो दशक के उच्चतम स्तर पर, निर्यात 6.3 प्रतिशत बढ़ा, आयात में आई गिरावट

जून में अब तक 8,915 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश

आंकड़ों से पता चला कि विदेशी निवेशकों ने खासकर सोमवार और शुक्रवार को बढ़-चढ़कर बाजारों में पैसे डाले। इन नए निवेशों के साथ जून के महीने में कुल शुद्ध निवेश अब 8,915 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 

पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष विराम ने बाजार को सहारा दिया

विदेशी निवेशकों की गतिविधियों में यह बदलाव हाल के दिनों मे अमेरिका, ईरान और इस्राइल के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद आया है। संघर्ष विराम के बाद वैश्विक बाजार की धारणा में सुधार हुआ है। इससे विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों को अधिक सकारात्मक रूप से देखने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं। वैश्विक स्थिरता, नीतिगत समर्थन और मजबूत आर्थिक संकेतकों के संयोजन ने इस समय भारत को विदेशी निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। 

ब्याज दरों में कटौती और कम महंगाई का भी असर पड़ा 

इसके अलावा, मजबूत घरेलू बुनियादी तत्व इस नए रुझान का समर्थन कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती की है। इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, देश में मुद्रास्फीति निम्न स्तर पर बनी हुई है, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है। 

इससे पहले मई में शुद्ध एफपीआई प्रवाह सकारात्मक रहा और 19,860 करोड़ रुपये रहा। इससे मई विदेशी निवेश के मामले में इस साल अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना बन गया। 

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