Online Gaming Act 2025: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मनी गेम्स के नियमों को और सख्त करने की योजना बनाई है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति या कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है तो यह गैर-जमानती अपराध माना जाएगा।
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग नियमों के उल्लंघन को गैर-जमानती अपराध बनाने और इसमें शामिल पूरी कंपनी के स्टाफ को जिम्मेदार ठहराने का प्रस्ताव रखा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में गुरुवार को मसौदा नियम जारी किए। इनके अनुसार, किसी भी अधिकृत अधिकारी को भौतिक या डिजिटल स्थान पर प्रवेश करने, तलाशी लेने और बिना वारंट के ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार होगा, जिस पर अपराध करने या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने या प्रतिबंधित कृत्यों को अंजाम देने की आशंका हो। नियमों में यह भी प्रावधान है कि कानून के तहत तलाशी और जांच करने वाले अधिकृत अधिकारियों को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा मिलेगी। मंत्रालय ने मसौदा नियमों पर सुझाव और टिप्पणियां 31 अक्तूबर तक आमंत्रित की हैं।
नियम लागू होने पर अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे
मसौदा नियमों में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के बावजूद, धारा 5 और धारा 7 के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। धारा 5 में किसी भी इकाई को ऑनलाइन मनी गेम्स और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने, प्रोत्साहित करने या उसमें भाग लेने से रोका गया है। धारा 7 के तहत बैंकों, वित्तीय संस्थानों या अन्य व्यक्तियों को ऐसे खेलों से जुड़े वित्तीय लेन-देन को सुविधाजनक बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
संसद से पारित इस कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति भी मिल चुकी है
ये मसौदा नियम PROG अधिनियम, 2025 की धारा 19 के तहत तैयार किए गए हैं, जिसे संसद से मंजूरी मिलने के बाद 22 अगस्त को राष्ट्रपति की स्वीकृति भी मिल चुकी है। यह अधिनियम देश में ऑनलाइन मनी गेम्स और उनसे जुड़ी सेवाओं तथा उनके प्रचार-प्रसार को प्रतिबंधित करता है।