शेयर बाजार इस हफ्ते तेजी में रह सकते हैं। कई कारण बाजार की चाल तय करेंगे। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो दर पर फैसला, कंपनियों के परिणाम, विदेशी निवेशकों के निवेश व अन्य कारण हैं।
आरबीआई की बैठक मंगलवार से : आरबीआई की पॉलिसी समीक्षा 6 से 8 जून के बीच होनी है। अनुमान है कि रिजर्व बैंक दरों को जस का तस रखेगा। इसके साथ ही बाजार की नजर रिजर्व बैंक की टिप्पणियों पर भी रहेगी, जहां यह पता चलेगा कि आगे वह क्या अनुमान लेकर चल रहा है।
विदेशी बाजारों के संकेत
कंपनियों के परिणाम अब अंतिम चरण में हैं। निवेशकों की नजर विदेशी संकेतों पर रहेगी। इसमें अमेरिका, इंग्लैंड, यूरोपियन यूनियन चीन के पीएमआई आंकड़े और अमेरिका के ट्रेड से जुड़े आंकड़े रहेंगे। बाजार विदेशी निवेशकों के निवेश पर भी नजर रखेगा।
ओपेक की बैठक
सभी की निगाहें तेल निर्यातक देशों के समूह (ओपेक) और उसके सहयोगियों की मीटिंग पर टिकी हैं। इसका फैसला इस हफ्ते के अंत तक आ सकता है।
मानसून की संभावना
इस हफ्ते की शुरुआत में मानसून के आने की संभावना है। ऐसे में ग्रामीण और कृषि से जुड़े स्टॉक फोकस में रहेंगे।
49% हिस्सा बेचेगी सरकार
सरकार आईपीओ के जरिये बाल्को में बचा हुआ 49% हिस्सा बेच सकती है। इसके लिए कंपनी की प्रवर्तक वेदांता से मध्यस्थता मामले वापस लेने के लिए बात कर रही है। दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा, हम वेदांता से मध्यस्थता मामले को वापस लेने को कह रहे हैं जिससे कंपनी की शेयर बाजारों में सूचीबद्धता सुनिश्चित की जा सके। खान मंत्रालय और दीपम ने वेदांता लिमिटेड के साथ शुरुआती बातचीत की है। वेदांता पूर्ववर्ती बाल्को की प्रवर्तक थी। एजेंसी